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Kannauj Case
– फोटो : अमर उजाला
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कन्नौज के विशुनगढ़ थाना के धरनीधरपुर नगरिया में सोमवार की शाम हुई हिस्ट्रीशीटर और पुलिस की मुठभेड़ ने तीन साल पहले कानपुर के बिकरू में हुए कांड की याद दिला दी। विकास दुबे की ही तरह यहां भी अशोक यादव को भी पुलिस की दबिश की सटीक जानकारी थी।
वह पुत्र और पत्नी के साथ ही पुलिस से मोर्चा लेने के लिए असलहों के साथ तैयार बैठा था। घर के बाहर अलग-अलग दिशाओं में लगाए सीसीटीवी कैमरे की मदद से वह अंदर बैठक कर ही पुलिस पर निगाह लगाए था। पुलिस ने जैसे ही दस्तक दी, उसने गली बरसानी शुरू कर दी। उसी फायरिंग के दौरान लगी गोली ने सिपाही सचिन राठी की जान ले ली।
पुलिस धरनीधरपुर नगरिया गांव पहुंच गई। पुलिस भले ही हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ को हल्के में लेकर पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुंची, लेकिन खुद मुनुआ ने पुलिस की दबिश को हल्के में नहीं लिया। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए घर से भागने के बजाए पुलिस से मोर्चा लेने का मंसूबा बनाया।
इसके लिए उसने घर में रखे असलहों तमंचा, डबल बैरल बंदूक, रायफल के साथ डट गया। वह घर बैठकर ही मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस के आने की राह तकने लगा। उसके साथ बेटा अभय यादव उर्फ पिंटू और पत्नी व पूर्व प्रधान श्यामा देवी भी डट गई। फिर जैसे ही पुलिस ने उसके घर पर दस्तक दी, पहले तो उसने हवाई फायरिंग करके डराने की कोशिश की।
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