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हाइलाइट्स
महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स मैच के बाद अक्सर रात में सुरा-सुंदरियों के बीच होते थे
नया साल आ रहा है. नए साल की पूर्व संध्या में पीने-पिलाने का दौर भी खूब चलता है. क्रिकेटर्स भी इससे अलहदा नहीं हैं. वैसे तो दुनियाभर में क्रिकेट खेलने वाले ज्यादातर देशों के क्रिकेट टीमों की गाइडलाइंस में एक शर्त ये भी होती है कि मैच के दिनों में वो अनुशासित रहेंगे. शराब नहीं पीएंगे. और एक समय के बाद होटल में अपने कमरे में लौट आएंगे. ऐसे में क्या आप सोच सकते हैं कि कुछ क्रिकेटर ऐसे भी रहे होंगे, जिन्होंने इन नियमों की धज्जियां उड़ा दी होंगी. जमकर शराब पीते रहे होंगे और इस हालत में मैदान पर भी पहुंच गए होंगे.
इसे लेकर कई किस्से हैं. कई खिलाड़ी हैं जो ज्यादा पीकर बहकने के लिए बदनाम रहे हैं. लेकिन इनमें से ज्यादातर इतना जरूर करते थे कि ऐसी स्थिति में मैदान पर नहीं आते थे लेकिन कुछ दिग्गज क्रिकेटरों ने मैदान को भी नहीं बख्शा. वैसे इस मामले में एक किस्सा वर्ल्ड क्रिकेट के महानतम आलराउंडर गैरी सोबर्स का जरूर लिया जाता था, जिनकी ज्यादातर रातें सुरा और सुंदरियों के बीच गुजरती थी, अगले दिन वो अक्सर हैंगओवर वाली स्थिति में मैदान पर पहुंचते थे.
किसी अनुशासन में नहीं बंधते थे सोबर्स
वर्ल्ड क्रिकेट में अगर आज भी सर्वकालिक महान आलराउंडर का नाम लेने को कहा जाए, तो बेहिचक गैरी सोबर्स का नाम लिया जाएगा. उन्होंने कभी किसी अनुशासन में बंधना पसंद नहीं किया. उनकी रातें ज्यादातर नाइट क्लबों या महिला मित्रों के साथ बीततीं. ऐसा कई बार हुआ कि वह देर रात तक शराब पीते रहे. सुबह लड़खड़ाते हुए मैदान पर पहुंचे. फिर शतक बनाकर लौटे.

सोबर्स रोज टीम के नियम को तोड़ते थे
सोबर्स अब 85 साल से ऊपर के हो चुके हैं. अब वह बारबडोस में मजे से जीवन से बिता रहे हैं. वह अपने देश की जीती जागती महान हस्ती हैं. आज भी वह फिट हैं. और अपने तौर तरीकों से ही जिंदगी जीते हैं.सोबर्स में जितना टैलेंट कूट कूटकर भरा था, उतनी ही अक्खड़ता भी थी. उन्हें हमेशा ये लगता था कि अगर उनमें बेहिसाब प्रतिभा है तो उन्हें अपनी टीम के आम सदस्यों से अलग ही नहीं समझा जाए बल्कि विशेष व्यवहार भी किया जाए. इसीलिए सोबर्स की अक्सर विंडीज के कप्तानों से बन नहीं पाती थी. टीम के सदस्यों को देर रात तक होटल से बाहर निकलने की मनाही थी लेकिन सोबर्स नियमित तौर पर इस नियम को तोड़ते थे.
देर रात तक नाइट क्लबों में होते थे
सोबर्स देर रात तक नाइट क्लबों में रहते थे, शराब और सुंदरियों की सोहबत में. क्रिकेट हलकों में ये बात फैली हुई थी कि सोबर्स नाइट क्रिकेट के भी खूब शौकीन हैं. यहां नाइट क्रिकेट का मतलब आजकल रात में होने वाले क्रिकेट से नहीं रातें सुरा-सुंदरियों की सोहबत में गुजारने से था. इसके कई चर्चे भी हैं. इनमें से कुछ का वर्णन तो खुद सोबर्स ने अपनी आत्मकथा में किया.
रात में इतनी शराब पी कि नशा नहीं उतरा, तब टुल्ल मैदान पर पहुंचे
ये वर्ष 1973 की बात है. लार्ड्स में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच चल रहा था. सोबर्स सारी रात होटल में नहीं थे. मैदान पर खेल खत्म होते ही सोबर्स किसी नाइट क्लब की ओर मुड़ गए थे. उनका सीधा सा सिद्धांत था-जिंदगी पूरे आनंद के लिए है. इसलिए इसका पूरा लुत्फ लेकर जिओ. उस रात बाहर रहने के बाद वह भोर में होटल लौटे. सीधे बिस्तर पर लेट गए.
सुबह उन्हें जल्दी जगा दिया गया. अगले दिन फिर यही हुआ. मैदान से सीधे किसी शराबघर में. रातभर शराब पी गई. इतनी हो गई कि दोस्तों ने उन्हें मैदान पर छोड़ा. मैच शुरू हो चुका था. उनकी टीम बैटिंग कर रही थी. कन्हाई 157 रन पर थे. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज बाब विलिस ने उन्हें कई बार बीट किया. जब कन्हाई आउट होकर लौटे तो सोबर्स बैटिंग के लिए भेजा गया.
हैंगओवर की स्थिति में बैटिंग करने पहुंचे, सेंचुरी ठोंकी
सोबर्स का बुरा हाल हो रहा था. हैंगओवर हो चुका था. सिर घूम रहा था. गेंद सही तरीके से दिख नहीं रही थी. पेट में दर्द भी हो रहा था. पर खेलते रहे. शतक तक पहुंच गए. दर्द असहनीय हो चुका था. वापस ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा. ड्रेसिंग रूम में कप्तान कन्हाई ने ब्रांडी मंगाई. उसे पीते ही दर्द ठीक. कई पैग पीने के बाद सोबर्स फिर तैयार. दोबारा क्रीज पर लौटे. 150 रन बनाने के बाद जब आउट हुए तो कन्हाई ने विंडीज की पारी आठ विकेट पर 652 रन पर घोषित कर दी. इंग्लैंड की टीम दोनों पारियों में 233 और 193 रन ही बना सकी. विंडीज ने ये टेस्ट एक पारी और 226 रन से जीत लिया.
सोबर्स के साथ बार बार हुआ ये
इससे पहले वर्ष 1968 में भी इसी तरह का एक और चर्चित वाकया हुआ. वेस्टइंडीज टीम आस्ट्रेलिया के दौरे पर थी. सोबर्स शाम को खेल के बाद किसी महिला मित्र के पास चले गए. सारी रात किसी होटल में उसी के साथ काटी. सुबह देर से वापस लौटे. तब तक टीम होटल से मैदान के लिए रवाना हो चुुकी थी. पैड पहना और कुर्सी पर बैठे बैठे ही सो गए. विकेट जल्दी जल्दी गिरे.
सोबर्स का नंबर आ गया. उन्हें जगाया गया. आंखें मलते हुए वह मैदान पहुंचे. पहली ही गेंद उनके बल्ले के बीचों बीच आई. उसके बाद तो उनका बल्ला पूरी तरह गेंदों पर हावी हो गया. 113 मिनट में ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करके 132 रन जड़ डाले. आउट होकर वापस लौटते ड्रेसिंग रूम में सो गए.
भारत के दौरे में भी ऐसा ही किया था
बताते हैं कि वर्ष 1958 -59 में सोबर्स जब भारत आए तो रात करीब दो बजे शराब का सेवन करके लौटे. दूसरे दिन पांच घंटे में 198 रन बना डाले.

हर्शल गिब्स ने कई बार मैचों से पहले शराब पी
साउथ अफ्रीका के क्रिकेटर हर्शल गिब्स उन कुछ बल्लेबाजों में थे जिनके पास तेंदुलकर और लारा जैसी क्लास थी. उन्होंने अपनी आत्मकथा “टू द पॉइंट” में स्वीकार किया है कि उन्होंने कई बार मैच से कुछ घंटे पहले शराब पी.
जेसी राइडर जितने गजब के बल्लेबाज उतने बड़े पियक्कड़
न्यूजीलैंड के जेसी राइडर गजब के बल्लेबाज थे. कई सालों तक न्यूजीलैंड टीम के नियमित सदस्य रहे. लेकिन उनकी शराब पीने की समस्या उन्हें टीम के लिए बोझ बना देती थी. आईपीएल में देर रात पार्टी करने की आदत के कारण उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली सीरीज में पांचवें वनडे की वह सुबह सुबह नशे में पाए गए.
साइमंडस मैच से पहले हैंगओवर में होते थे
आस्ट्रेलिया के एंड्यू साइमंड्स नेचुरल क्रिकेटर थे. बहुत प्रतिभाशाली माने जाते थे. वह कई मैच से पहले हैंगओवर में नजर आए. कप्तान रिकी पोंटिंग उनकी देर रात तक शराब पीने की आदत से नाराज हो गए.

फ्लिंटाफ पब में शराब के नशे में टुल्ल होते थे
इंग्लैंड के गजब के बल्लेबाज रहे एंड्यू फ्लिंटॉफ मैदान के बाहर पब में अक्सर शराब के नशे में टुल्ल पाए गए. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका प्रसिद्ध शतक तब आया जब वह शराब के नशे में थे. कई बार वह सड़कों पर भी इसी हालत में निकल जाते थे.
वसीम राजा भी नशे में होते थे
पाकिस्तान के वसीम राजा अब जाने माने क्रिकेट कमेंटेटर हैं. 1985 तक वह पाकिस्तान टीम से क्रिकेट खेलते रहे. फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी बने. उन्हें मैचों से पहले बार-बार नशे की हालत में पाया गया.
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Tags: Alcohol, Big action on drinking alcohol, Indian Cricketers, West Indies Cricketer
FIRST PUBLISHED : December 29, 2023, 13:39 IST
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