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Gaza Pregnant Al Masry Story: इजरायल-हमास जंग की वजह से उन लोगों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है जिनका जंग से नाता नहीं है. फिलिस्तीन का कहना है कि इजरायली सेना के हमले में अब तक 20 हजार से अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है. इन सबके बीच एक तस्वीर सामने आई जिसे देख कर आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं. एक महिला जो कि प्रेग्नेंट थी उसे शरण लेने के लिए पांच किमी तक पैदल चलना पड़ा. अब वो तीन बच्चों की मां बन चुकी है.
गाजा की रहने वाली है अल मसरी
गाजा की 28 साल की इमान अल मसरी ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया. उसमें एक इतना कमजोर था कि उसे अस्पताल में ही भर्ती कराना पड़ा. एएफपी से बात करते हुए अल मसरी ने कहा कि दक्षिणी गाजा में तीन बच्चों को जन्म के दौरान वो बुरी तरह परेशान थी. बेत हनून की रहने वाली अल समरी 6 महीने की गर्भवती थी जब उसे पैदल ही घर छोड़क अपने तीन बच्चों के साथ सुरक्षित ठिकाने के लिए भागना पड़ा. परिवार को जाबलिया शरणार्थी कैंप में पहुंचने के लिए पांच किमी पैदल चलना पड़ा. उसका असर उसकी प्रेग्नेंसी पर पड़ा. 18 दिसंबर को उसने ऑपरेशन के जरिए उसने चार बच्चों जिसमें से दो लड़की टिया और लिन और दो बेटों यासिर और मोहम्मद को जन्म दिया.उन चार बच्चों में से एक मोहम्मद इतना कमजोर था कि उसे अस्पताल में ही छोड़ना पड़ गया.
अब घर जाने का सपना टूटा
अल मसरी कहती है कि अस्पताल में युद्ध में घायल दूसरे मरीजों के लिए उसे अपने तीन बच्चों के साथ अस्पताल छोड़ना पड़ गया. वो बताती हैं कि उसका चौथा नवजात बेटा मोहम्मद इतना कमजोर है उसके बचने की गुंजाइश बेहद कम है. फिलहाल वो अपने बच्चों के साथ अपने परिवार के बाकी 50 लोगों के साथ एक टूटे स्कूल में रह रही है. वो बताती हैं कि पांच किमी की पैदल यात्रा किसी नरक से कम नहीं थी. जब उसने घर छोड़ा उसके पास बच्चों के लिए कुछ कपड़े ही थे. उसे ऐसा लगा कि कुछ हफ्तों में जंग समाप्त हो जाएगी और वो अपने घर जा सकेगी. लेकिन अब 11 हफ्ते गुजर चुके हैं और उसका अपने घर जाने का सपना टूट चुका है.
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