[ad_1]
कहते हैं कि कुछ रिश्ते खुद ब खुद बनते चले जाते हैं. भारत और रूस के बीच रिश्तों को सिर्फ शब्दों से बयां नहीं कर सकते. हमारे बीच का संबंध सिर्फ राजनीति या कूटनीति तक सिमटा नहीं है. बल्कि उससे कहीं अधिक गहरा है. इस वाक्य के जरिए सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी में विदेश मंत्री डा एस जयशंकर ने भारत के भाव को सामने रखा. यूनिवर्सिटी में इंडोलॉजिस्ट के बीच अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले उस स्कूल का दौरा करने का सौभाग्य मिला जिसका नामकरण रविंद्रनाथ टैगोर के नाम पर किया गया है. उस स्कूल में जब उन्होंने बच्चों को हिंदी में पढ़ते देखा तो उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. दोनों देशों के बीच जो रिश्ता कायम है वो सिर्फ किसी खास फायदे के संदर्भ में नहीं है. बल्कि उससे कहीं आगे है, स्कूल में जिस तरह का माहौल नजर आया वो गजब का था.
Interacting with Indologists at St. Petersburg State University. https://t.co/tkGC5755Yn
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) December 28, 2023
.
[ad_2]
Source link