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ED: चीनी नागरिकों की कंपनियों के खिलाफ ईडी की छापेमारी; मोबाइल एप्स से लोन मामले में तेज हुई कार्रवाई

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ED: चीनी नागरिकों की कंपनियों के खिलाफ ईडी की छापेमारी; मोबाइल एप्स से लोन मामले में तेज हुई कार्रवाई

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ED Raid in Mobile apps loan case search at firms of Chinese nationals

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


मोबाइल फोन के जरिए पैसा उधार देने वाली चीनी कंपनियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर हैं। ईडी चीनी नागरिकों के स्वामित्व वाली संस्थाओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जांच कर रही है। ताजा घटनाक्रम में दो कंपनियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ ईडी के अधिकारियों ने नए सिरे से तलाशी ली। रिपोर्ट के मुताबिक जांच अधिकारियों ने मोबाइल एप की जांच के साथ-साथ उधार लेने वाले लोगों के निजी विवरण भी खंगाले।

पिछले साल 19 ठिकानों पर ली गई थी तलाशी

मंगलवार को ईडी ने एक बयान में कहा, पिछले साल 21 दिसंबर को दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और गुजरात में 19 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। शाइनबे टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसटीआईपीएल), एमपर्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एमएसपीएल) समेत कई अन्य संस्थाओं के खिलाफ भी छापेमारी और तलाशी ली गई थी।

ईडी ने कहा, फिनटेक कंपनियां, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और चीनी नागरिकों के स्वामित्व वाले मोबाइल एप कम समय के लिए लोन का ऑफर देकर ग्राहकों को फंसा रहे थे। ऑनलाइन लेन-देन के इन मामलों में लोन लेने वाले लोगों से अत्यधिक ब्याज वसूलने की बात भी सामने आई। भ्रामक और अनैतिक गतिविधियों से ग्राहकों को परेशान किया जा रहा था।

लोन देने के बाद ग्राहकों को धमकी भी देते थे

उधार लेने वाले लोगों के फोन में सहेजी गई तस्वीरों जैसी निजी जानकारियों तक भी चीनी संस्थाओं का एक्सेस था। फोटो गैलरी और फोन नंबर गैरकानूनी तरीके से हासिल करने के बाद ग्राहकों को धमकी दी जा रही थी। पैसे उधार देने वाले लोग शोषण करने के लिए डेटा लीक करने की धमकी देते थे। तस्वीरें को संपादित कर बदनाम करने और फर्जी कानूनी नोटिस भेजने जैसे गंभीर मामले भी सामने आए।

ईडी का आरोप है कि इन कंपनियों ने चीनी व्यक्तियों और कंपनियों की तरफ से भारत में ‘डमी’ निदेशक और ग्राहक बनाए हैं। गलत तरीकों से इनका कारोबार बढ़ रहा है। चीनी नागरिकों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, कंपनी सेक्रेटरी और सलाहकार जैसे पेशेवरों की मदद से भारत में फिनटेक कंपनियां खड़ी कीं। एनबीएफसी का जटिल जाल भी बुना गया।

कहां से शुरू हुआ पूरा मामला

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग का मामला कर्नाटक (बेंगलुरु पुलिस) और तेलंगाना (काजीपेट और जनगांव पुलिस) में दर्ज एफआईआर के बाद सुर्खियों में आया। ईडी के मुताबिक इन राज्यों में तलाशी के दौरान 1.30 करोड़ रुपये नकद और ‘आपत्तिजनक’ दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। पिछले साल जून में लगभग 6-7 ठिकानों पर तलाशी के बाद 19.43 करोड़ रुपये के बैंक और फिक्स्ड डिपॉजिट जब्त किए गए थे।






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