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Ayodhya Ram Mandir
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुबह से शाम तक सूरज की रोशनी में रामलला के दर्शन के साथ अब रात में भी चांद के दूधिया प्रकाश की छटा के बीच भक्त अपने आराध्य को निहार सकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा के बाद दर्शन की अवधि बढ़ाई जाएगी। मंगला और शयन आरती भी शुरू होगी।
आने वाले समय में यहां आने वाले भक्तों की संख्या में इजाफा होना तय है। ऐसे में राम मंदिर में पूजन प्रक्रिया को विस्तार देने की तैयारी चल रही है। मौजूदा समय में रामलला के दर्शन दो पालियों में होते हैं। पहली पाली में सुबह सात से 11 बजे तक। दूसरी पाली में दोपहर दो से शाम सात बजे तक।
सामान्य दिनों में 15 से 20 हजार श्रद्धालु रोजाना रामलला के दर्शन कर रहे हैं। दूसरे शनिवार व रविवार के साथ माह के तीन पर्वों एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा पर यह संख्या बढ़ जाती है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अनुमान है कि रोज एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे।
दुनिया में अनोखे होंगे मकराना के संगमरमर पर बने रामलला
भव्य राममंदिर में रामलला की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। तीन मूर्तिकारों ने तीन मूर्तियां बनाई हैं। इनमें से सर्वाेत्तम मूर्ति को गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित किया जाएगा। राजस्थान के मूर्तिकार सत्यनारायण पांडेय ने मकराना के संगमरमर पर जो मूर्ति बनाई है, वह रामलला की दुनिया में सबसे अनोखी मूर्ति है।
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