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उदयनिधि स्टालिन
– फोटो : ट्विटर
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सनातन के खिलाफ विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु के युव संस्कृति मंत्री दयानिधि स्टानिधि की मुसीबतें बढ़ने वाली है। उन्हें बिहार आना पड़ सकता है। पटना के एमपी एमएलए कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए पटना के एमपी एमएलए कोर्ट में तलब किया गया है। कहा गया है कि उन्हें हाजिर होकर अपना जवाब देना होगा। अगर वह दोषी पाए गए तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
अब अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी
एमपी-एमएलए के मामले की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष अदालत की न्यायाधीश सारिका बहालिया ने इस केस की सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में सम्मन के उपकरण दाखिल करने के लिए अगले एक सप्ताह का समय दिया है। अब अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। इसमें मंत्री उदयनिधि स्टालिन को कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है।
उदयनिधि स्टालिन पर यह आरोप लगा है
बता दें कि पटना हाईकोर्ट के वकील डॉ. कौशलेंद्र नारायण और महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल ने कोर्ट में शिकायत की थी। बताया गया था कि मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बयान से सनातन धर्मावलंबियों की भावना को ठेस पहुंची है। अपने बयान में स्टालिन ने सनातन धर्म को रोग जनित कीटाणुओं और जीवाणुओं के समान बताया था। दोनों मामलों में एक ही अभियुक्त और एक समान आरोप होने के कारण कोर्ट ने दोनों शिकायती मुकदमों को एक करते हुए संज्ञान लिया।
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