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China-India Relations: भारत और मालदीव की तनातनी में अब चीन की एंट्री हुई है. पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मालदीव के नेताओं ने जब आपत्तिजनक बयानों की बौछार कर दी तो भारत ने सख्त रुख दिखाया, जिसके बाद एक ही दिन में मालदीव घुटनों पर आ गया. अब इस मामले में चीन ने सफाई दी है. सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में चीन ने कहा कि हमने हमेशा मालदीव को बराबर का साझेदार मानते हुए उसकी संप्रभुत्ता की इज्जत की है. वह मालदीव और भारत के बीच दोस्ती और सहयोगी रिश्तों को भी सम्मान देता है. साथ ही दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्तों की अहमियत भी जानता है.
चीन ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि न तो हमने भारत के साथ रिश्तों में खटास के कारण मालदीव से उसे दरकिनार करने को कहा है और न ही चीन भारत और मालदीव के बीच साझेदारी को खतरे के दौर पर देखता है. चीन ने भारत और मालदीव के बीच त्रिपक्षीय सहयोग करने की ख्वाहिश भी जताई. चीन ने कहा कि भारत को ज्यादा खुले विचारों वाला रहना चाहिए, क्योंकि दक्षिण एशियाई देशों के साथ चीन का सहयोग ‘जीरो सम गेम’ नहीं है.
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