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Maharashtra Politics
– फोटो : Amar Ujala
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महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शिवसेना विधायकों की अयोग्यता मामले में फैसला सुनाया। नार्वेकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना। साथ ही 16 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी। इसके बाद से ही सियासी जगत में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कोई इस फैसले से खुश दिखा तो किसी ने इससे नाखुशी जाहिर की।
पहले जानते फैसले के खिलाफ किसने क्या कहा…
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि आज का फैसला कोई न्याय नहीं है, ये एक षड्यंत्र है, हम सुप्रीम कोर्ट जरूर जाएंगे। हमारी लड़ाई न्यायालय में जारी रहेगी। उद्धव गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है। हमने सुना था ‘वही होता है जे मंजूर-ए-खुदा’ होता है’… 2014 के बाद एक नई परंपरा शुरू हुई है, ‘वही होता है’ जो मंजूर-ए-नरेंद्र मोदी और अमित शाह होता है। यही हम महाराष्ट्र में होते हुए देख रहे हैं… यह नैतिकता का एक दुर्भाग्यपूर्ण समझौता है। कुछ ऐसा किया जा रहा है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ‘अवैध’ और ‘असंवैधानिक’ करार दिया था ‘कानूनी’ हो गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उद्धव को मिला एनसीपी-कांग्रेस का साथ
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि इस फैसले के बाद अब उद्धव को सुप्रीम कोर्ट जाना होगा। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में न्याय मिलने की उम्मीद है। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर का फैसला असंवैधानिक है और यह एक अलोकतांत्रिक फैसला है और यह पार्टी के नियमों के खिलाफ है, उन्होंने स्वीकार किया कि असली शिवसेना 1999 थी, उन्होंने दोनों पक्षों के किसी भी विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया। हमें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। इस फैसले के बाद लोकतंत्र खतरे में है और बीजेपी को इस फैसले से दिक्कत होगी।
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