Home Breaking News हाड़ कंपाती ठंड: नीतीश राज में केके पाठक के सामने मंत्री नहीं टिके, डरे डीएम क्या करें; पढ़ें, किसने दी छुट्टी

हाड़ कंपाती ठंड: नीतीश राज में केके पाठक के सामने मंत्री नहीं टिके, डरे डीएम क्या करें; पढ़ें, किसने दी छुट्टी

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हाड़ कंपाती ठंड: नीतीश राज में केके पाठक के सामने मंत्री नहीं टिके, डरे डीएम क्या करें; पढ़ें, किसने दी छुट्टी

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Bihar News : people asking- school closed in bihar or not, dm kneel down before kk pathak

बच्चों और उनके अभिभावक अब जिलाधिकारी से छुट्टी की उम्मीद लगा रहे।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


भीषण ठंड है। हाड़ कंपाने वाली पूस की रात ही नहीं, दिन भी है। सर्द पछुआ हवा से शरीर टूट रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक पटना, नालंदा, गया, औरंगाबाद, भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, लखीसराय, नवादा, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, कैमूर समेत 18 जिलों में ‘भीषण शीत लहर का अलर्ट’ जारी किया। पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली समेत 20 जिलों में ‘शीत दिवस का यलो अलर्ट’ है। लेकिन, एक-दो को छोड़ ज्यादातर जिलाधिकारी 20 जनवरी से आगे छुट्टी की घोषणा नहीं कर रहे। जिस अधिकार से छुट्टी देते थे, वह भूल गए हैं। क्योंकि डर है आईएएस केके पाठक का। पाठक ने 16 से 20 जनवरी तक छुट्टी देने पर प्रमंडलाधिकारियों की क्लास लगा दी है। आने के पहले अपने विभाग के मंत्री को हटवा दिया है। तो, डर तो लगना ही था!

अगर छुट्टी देंगे तो यह खबर अपडेट होगी

आप इस खबर का लिंक सुरक्षित रख सकते हैं। कहीं भी छुट्टी घोषित होगी तो यह खबर अपडेट की जाएगी। मतलब, इसी खबर में आप बाद में देख सकते हैं कि स्कूल बंदी का आदेश आया या नहीं। जो-जो डीएम हिम्मत दिखाएंगे, उन जिलों में बच्चों को राहत मिलेगी। या, विभाग के नए-नवेले मंत्री आलोक कुमार मेहता अपने अपर मुख्य सचिव केके पाठक की सोच से अलग आमजन और आम बच्चों के लिए सोचते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित करने के लिए आगे आते हैं तो मौसम के इस बुरे मिजाज के सामने आपके बच्चों का बचना संभव होगा। वरना, भगवान भरोसे बच्चों को सुबह बाहर निकालिए और स्कूल भेजिए। दिन में धूप दो दिन से हल्की निकल रही है, लेकिन सोमवार से पछिया हवा के कारण सिहरन रहेगी। 

प्राइवेट स्कूलों के पास फिर भी विकल्प

प्राइवेट स्कूल जिलाधिकारी के आदेश बगैर भी इस ठंड में खतरा उठाने से बचने के लिए खुद छुट्टी घोषित कर सकते हैं। बच्चों को स्कूल में ठंड के कारण परेशानी होती है तो अभिभावक सीधे-सीधे उनपर जिम्मेदारी डालेंगे। इसके अलावा, स्कूल की छवि भी खराब होगी। इस डर के कारण कई स्कूल ऑनलाइन मोड में रहने का विकल्प कर चुके हैं। रही बात सरकारी की, तो यहां के बच्चों की मौत तक पर फेंकाफेंकी हो चुकी है इसी मौसम में। कारण बदलने का सरकारी प्रयास दिख चुका है। ठंड से मौतें बच्चों के अलावा बड़ों की भी हो चुकी है, लेकिन इसे घोषित नहीं किया गया। ऐसे में छुट्टी बढ़ने का आदेश नहीं आया तो सरकारी विद्यालयों में आठवीं तक के बच्चों को सोमवार से स्कूल जाना ही होगा। तीन दिन नहीं जाने पर नाम कटने के डर से भी बच्चे जाएंगे ही, भले जान पर आफत रहे।  

नवीं-दसवीं के बच्चों को नहीं लगती ठंड?

जानें, अभी क्या आदेश लागू है; कहां दी गई छुट्टी

भीषण ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए गया और नालंदा के स्कूलों को बंद करने का आदेश जिलाधिकारी दिया है। नालंदा में 21 जनवरी से 23 जनवरी तक एक से आठ तक के कक्षा के स्कूल बंद रहेंगे। वहीं गया में 21 से 24 जनवरी तक एक से आठ कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियां पूर्व के भांति ही चलती रहेगी, जो 9:00 से 3:30 के बीच है। मिशन दक्ष तथा बोर्ड परीक्षा के संचालन हेतु किए जाने वाले विशेष कक्षाओं के संचालन इससे मुक्त हैं। इससे पूर्व 9 जनवरी, 12 जनवरी, 16 जनवरी को आदेश निकालकर प्री स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र सहित एक से आठ तक के शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया था। छुट्टी वापस लिए जाने के मामले में नालंदा जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि उन्हें शिक्षा विभाग की ओर से किसी तरह का पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। आपके माध्यम से मामले की जानकारी हुई है। पता लगाया जा रहा है।

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