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Chandigarh Mayor Election: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले AAP के तीन पार्षद भूमिगत, भाजपा में होंगे शामिल!

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Chandigarh Mayor Election: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले AAP के तीन पार्षद भूमिगत, भाजपा में होंगे शामिल!

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Before hearing in Supreme Court, three AAP councilors may go underground and join BJP.

चंडीगढ़ नगर निगम।
– फोटो : फाइल फोटो

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चंडीगढ़ में मेयर चुनाव को लेकर चल रहे विवाद के बीच सियासी गठजोड़ चरम पर है। आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव को लेकर जहां सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, वहीं आप के तीन पार्षद भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक एक पुरुष और दो महिला पार्षद भाजपा के संपर्क में हैं, जो आने वाले दिनों में पार्टी का दामन थाम सकते हैं।

बताया जा रहा है कि तीनों पार्षद जल्द गुरुग्राम में होने जा रहे भाजपा के एक कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में भगवा का दामन थाम सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के पास 14 की जगह 17 पार्षद हो जाएंगे, जबकि एक वोट भाजपा सांसद का पार्टी के खाते में होगा। 

सूत्रों का कहना है कि आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षद और एक अन्य शुक्रवार रात से शहर से बाहर हैं। हालांकि शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उनसे बात हुई है। एक पार्षद ने शादी में जाने की बात कही है तो एक पार्षद ने स्पष्ट तौर से कह दिया है कि वह पार्टी के अंदर खुश नहीं है। हालांकि शनिवार को इनके फोन स्विच ऑफ पाए गए। वहीं, दूसरी ओर सूत्रों ने खुलासा किया है कि आप के तीनों पार्षद भाजपा में शामिल होते हैं तो भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित मेयर मनोज सोनकर इस्तीफा दे सकते हैं।

30 जनवरी को हुए थे मेयर चुनाव

गौर हो कि 30 जनवरी को हुए मेयर चुनाव में प्रशासन की ओर से नियुक्त पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने आठ पार्षदों के वोट को अवैध करार दिया था, जिसके बाद भाजपा के मनोज सोनकर को मेयर बनाया गया। लेकिन गठबंधन ने इसे चुनौती देते हुए पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पीठासीन अधिकारी की एक वीडियो भी वायरल हुई थी, जिसमें वह कथित रूप से अवैध करार दिए पार्षदों के वोटों पर निशान लगाते दिखाई दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर चंडीगढ़ प्रशासन को फटकार लगाई थी और मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को रखी गई है। जिसको लेकर चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जवाब दाखिल किया जाएगा।

हमारी पूरी टीम दिल्ली में चल रहे राष्ट्रीय अधिवेशन मंडपम में व्यस्त है। पार्टी में शामिल होने के लिए किसी पार्षद ने संपर्क नहीं किया है। अगर भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर कोई पार्टी में शामिल होना चाहता है तो उसका हार्दिक स्वागत किया जाएगा। -जतिंदर पाल मल्होत्रा, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष

तीन में से दो पार्षदों के साथ मेरी दोपहर में बातचीत हुई है। मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि अगर ऐसा है तो भाजपा ने पहले लोकतंत्र की हत्या की और अब उससे भी आगे जाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बहुत गलत है। – डॉ. एसएस अहलूवालिया, सह प्रभारी, आम आदमी पार्टी

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