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EPFO
– फोटो : Social Media
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श्रम मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी पेरोल डेटा के अनुसार, रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ के साथ दिसंबर 2023 में 15.62 लाख नए सदस्य जुड़े। मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि एक महीने की तुलना में दिसंबर 2023 के दौरान शुद्ध सदस्यों की सुख्या में 11.97 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनंतिम पेरोल डेटा के अनुसार दिसंबर 2022 की तुलना में दिसंबर 2023 में 15.62 लाख सदस्यों की शुद्ध वृद्धि हुई जो कि 4.62 प्रतिशत अधिक है। ईपीएफओ के सदस्यों में वृद्धि का कारण रोजगार के अवसरों में वृद्धि, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के आउटरीच कार्यक्रमों की प्रभावशीलता को माना जाता है।
आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर 2023 में ईपीएफओ में लगभग 8.41 लाख नए सदस्य नामांकित किए गए, जो नवंबर 2023 की तुलना में 14.21 प्रतिशत अधिक है। आंकड़ों को देखने पता चलता है कि नए सदस्यों में 18 से 25 आयु वर्ग के लोगों का प्रभुत्व है। दिसंबर में जोड़े गए कुल नए सदस्यों में इनका प्रतिशत 57.18 प्रतिशत है। पेरोल डेटा से पता चलता है कि लगभग 12.02 लाख सदस्य ईपीएफओ से बाहर निकल गए और बाद में फिर से ईपीएफओ में शामिल हो गए।
पेरोल डेटा का लिंग के आधार पर विश्लेषण करने पर पता चला है कि 8.41 लाख नए सदस्यों में से लगभग 2.09 लाख महिला सदस्य हैं, जो नवंबर 2023 की तुलना में 7.57 प्रतिशत अधिक हैं। इसके अलावा, दिसंबर महीने के दौरान शुद्ध रूप से महिला सदस्य की संख्या लगभग 2.90 लाख रही, जो पिछले महीने की तुलना में लगभग 3.54 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
ईपीएफओ के आंकड़ों का राज्यवार विश्लेषण करने से पता चलता है कि नए सदस्यों की संख्या में सबसे अधिक इजाफा पांच राज्यों- महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और हरियाणा में हुआ है। इन राज्यों से दिसंबर 2023 में ईपीएफओ में करीब 9.11 लाख सदस्य जोड़े गए जो कुल जोड़े गए सदस्यों का लगभग 58 प्रतिशत है। ईपीएफओ के कुल सदस्यों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 21.63% रही। ईपीएफओ ने अप्रैल 2018 से पेरोल से जुड़े आंकड़े जारी करने की शुरुआत की थी। इस दौरान सितंबर 2017 के बाद के आंकड़े जारी किए गए।
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