Home Breaking News CAA: आचार संहिता लगने से पहले लागू होगा सीएए, तीन मुल्कों के छह प्रवासी समुदायों को मिलेगी भारत की नागरिकता

CAA: आचार संहिता लगने से पहले लागू होगा सीएए, तीन मुल्कों के छह प्रवासी समुदायों को मिलेगी भारत की नागरिकता

0
CAA: आचार संहिता लगने से पहले लागू होगा सीएए, तीन मुल्कों के छह प्रवासी समुदायों को मिलेगी भारत की नागरिकता

[ad_1]

CAA will be implemented before the implementation of the code of conduct of lok sabha election 2024

CAA
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार


देश में ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ (सीएए) के नियम जल्द लागू होने जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इसके लिए तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब सीएए नियम लागू होने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। संभव है कि अगले सप्ताह ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ के नियम लागू हो जाएंगे। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले तीन मुल्कों के छह गैर मुस्लिम प्रवासी समुदायों के लोगों को भारत की नागरिकता मिलने की राह प्रशस्त हो जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, सीएए नियमों को लागू करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले देश में ‘सीएए’ के नियम लागू हो जाएंगे। पिछले माह केंद्रीय गृह मंत्रालय को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के नियमों को तैयार करने के लिए लोकसभा में अधीनस्थ कानून पर संसदीय समिति की तरफ से एक और विस्तार मिला था। पहले के सेवा विस्तार की अवधि 9 जनवरी को खत्म हो गई थी। सीएए के नियम तैयार करने के लिए गृह मंत्रालय को सातवीं बार विस्तार प्रदान किया गया था। इससे पहले राज्यसभा से भी गृह मंत्रालय को उक्त विषय पर नियम बनाने व लागू कराने के लिए 6 महीने का विस्तार मिला था।

सीएए नियमों के तहत ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन मांगे जाएंगे। इस प्रक्रिया का काम पूरा हो चुका है। नागरिकता संशोधन अधिनियम के नियमों के तहत भारत के तीन मुस्लिम पड़ोसी देश, जिनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान शामिल हैं, वहां से आए गैर मुस्लिम प्रवासी लोगों के लिए भारत की नागरिकता लेने के नियम आसान हो जाएंगे। इन छह समुदायों में हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी शामिल हैं। नागरिकता संशोधन विधेयक 11 दिसंबर, 2019 को संसद द्वारा पारित किया गया था। एक दिन बाद ही इस विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति मिल गई थी। सीएए के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता लेने में आसानी होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कह चुके हैं कि सीएए के नियम लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले लागू होंगे।

सीएए, किसी व्यक्ति को खुद नागरिकता नहीं देता है। इसके जरिए पात्र व्यक्ति, आवेदन करने के योग्य बनता है। यह कानून उन लोगों पर लागू होगा, जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए थे। इसमें प्रवासियों को वह अवधि साबित करनी होगी कि वे इतने समय में भारत में रह चुके हैं। उन्हें यह भी साबित करना होगा कि वे अपने देशों से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भारत आए हैं। वे लोग उन भाषाओं को बोलते हैं, जो संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हैं। उन्हें नागरिक कानून 1955 की तीसरी सूची की अनिवार्यताओं को भी पूरा करना होगा। इसके बाद ही प्रवासी आवेदन के पात्र होंगे।




[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here