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Lok Sabha election: AAP
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
विस्तार
अरविंद केजरीवाल की राजनीति के लिए यह सबसे कठिन समय है। स्वयं उनके ऊपर शराब घोटाले में किसी भी समय गिरफ्तार होने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे उनके कई नेता जेल में बंद हैं। ऐसे कठिन समय में आम आदमी पार्टी के सामने न केवल अपनी राजनीतिक बढ़त बनाए रखने की चुनौती है, बल्कि जनता की उस विश्वसनीयता को भी बनाए रखना है, जिसके बूते उसने दिल्ली-पंजाब में जमे-जमाए राजनीतिक दलों को हाशिये पर ला दिया था।
लोकसभा चुनाव परिणामों का सीधा असर दिल्ली विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा, जो ठीक एक साल बाद फरवरी 2025 में हो सकता है। इस दृष्टि से आम आदमी पार्टी के लिए यह लोकसभा चुनाव बहुत महत्त्वपूर्ण होने जा रहा है। यदि आम आदमी पार्टी इन चुनावों में अच्छी जीत हासिल करती है, तो वह यह दावा करने की स्थिति में होगी कि जनता ने उस पर लगाए गए सभी आरोपों को अस्वीकार कर दिया। लेकिन यदि आप की लोकसभा चुनावों में करारी हार होती है, तो भाजपा यह कहेगी कि जनता ने अरविंद केजरीवाल को अस्वीकार कर दिया है। ऐसे में वह दोगुने जोश से आम आदमी पार्टी को दिल्ली से हटाने की कोशिश कर सकती है।
किन चेहरों पर जताया भरोसा?
आम आदमी पार्टी को दिल्ली में चार लोकसभा सीटों पर लड़ने का अवसर मिला है। नई दिल्ली लोकसभा सीट से आप ने अपने विधायक सोमनाथ भारती को मैदान में उतारा है। वे पार्टी और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद चेहरे हैं। हालांकि, उनसे जुड़े कुछ विवाद पार्टी के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं।
आप ने पश्चिमी दिल्ली से महाबल मिश्रा को उम्मीदवार के तौर पर उतारा है। वे पूर्व में सांसद रहे हैं। पूर्वांचल की जनता पर अपने क्षेत्र में उनका अच्छा प्रभाव भी है। ऐसे में वे आम आदमी पार्टी को अच्छी खबर दे सकते हैं। पूर्वी दिल्ली से दलित चेहरे कुलदीप कुमार उर्फ मोनू को मैदान में उतारा है। वहीं दक्षिणी दिल्ली से सहीराम पहलवान को मैदान में उतारा गया है।
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