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Sandeshkhali: Shahjahan Sheikh
– फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht
विस्तार
भाजपा का अनुमान है कि संदेशखाली मुद्दे का पश्चिम बंगाल में कन्हैयाल हत्याकांड जैसा असर हो सकता है। कन्हैयालाल हत्याकांड के कारण राजस्थान में मतदाताओं का पूरी तरह ध्रुवीकरण हो गया था और बेहतर कामकाज के बाद भी अशोक गहलोत को करारी हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा का अनुमान है कि इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी संदेशखाली कांड ममता बनर्जी सरकार पर भारी पड़ सकता है। 55 दिनों तक शाहजहां शेख पर कोई कार्रवाई न होने के कारण लोग ममता बनर्जी सरकार से खासे नाराज हैं और इसे एक वर्ग विशेष के तुष्टिकरण से जोड़कर देख रहे हैं।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि लोग संदेशखाली घटनाओं को 1980 के दशक में घटी कश्मीर की घटनाओं से जोड़कर भी देख रहे हैं, जहां हिंदू महिलाओं से इसी तरह की अशोभनीय घटनाएं घटी थीं। भाजपा का मानना है कि लोगों की यह नाराजगी लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है।
इस मुद्दे पर लोगों के आक्रोश को देखते हुए भाजपा इस पर पूरी तरह आक्रामक हो गई है। उसके कई नेता लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। भाजपा के कई केंद्रीय मंत्री और संगठन के बड़े पदाधिकारी जल्द ही संदेशखाली की यात्रा कर इस मामले को और तेजी देने का काम कर सकते हैं। भाजपा इस मामले को दिल्ली-बंगाल सहित पूरे देश में उठाने की रणनीति बना रही है।
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