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कर्नाटक जातिगत जनगणना रिपोर्ट
– फोटो : AMAR UJALA
विस्तार
बिहार के बाद कर्नाटक में जातिगत जनगणना रिपोर्ट पेश कर दी गई है। राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने गुरुवार को यह रिपोर्ट पेश की। भले ही रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है लेकिन इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। खुद सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के विधायकों ने इसका विरोध किया है। विपक्षी भाजपा ने भी जातिगत जनगणना रिपोर्ट पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।
इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि वह भविष्य की कार्रवाई तय करने के लिए कैबिनेट बैठक में जाति जनगणना रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे। 2014 में सिद्धारमैया सरकार ने जातिगत सर्वे कराने का आदेश दिया था। आइये जानते हैं कि कर्नाटक में जातिगत जनगणना रिपोर्ट को लेकर क्या हुआ है? रिपोर्ट में क्या-क्या शामिल है? इसको लेकर विवाद क्या है? भाजपा का क्या कहना है? इससे पहला किन राज्यों में इस तरह का सर्वे हुआ है?
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