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'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- नवागत, जिसका अर्थ है- नया आया हुआ। प्रस्तुत है कुँवर नारायण की कविता- चक्रव्यूह
युद्ध की प्रतिध्वनि जगाकर
जो हज़ारों बार दुहराई गई,
रक्त की विरुदावली कुछ और रँगकर
लोरियों के संग जो गाई गई—
उसी इतिहास की स्मृति,
उसी संसार में लौटे हुए,
ओ योद्धा, तुम कौन हो?
मैं नवागत वह अजित अभिमन्यु हूँ
प्रारब्ध जिसका गर्भ ही से हो चुका निश्चित,
अपरिचित ज़िंदगी के व्यूह में फेंका हुआ उन्माद,
बाँधी पंक्तियों को तोड़
क्रमशः लक्ष्य तक बढ़ता हुआ जयनाद :
मेरे हाथ में टूटा हुआ पहिया,
पिघलती आग-सी संध्या,
बदन पर एक फूटा कवच,
सारी देह क्षत-विक्षत,
धरती-ख़ून में ज्यों सनी लथपथ लाश,
सिर पर गिद्ध-सा मँडरा रहा आकाश...
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8 घंटे पहले
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