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Moldova–Transnistria Relations: मोल्दोवा (Moldova) के अलगववादी हिस्से ट्रांसनिस्ट्रिया, (Transnistria) में रूस समर्थक विद्रोहियों ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अपने क्षेत्र को मोल्दोवा की सरकार के खतरे से बचाने की गुहार लगाई है.
बता दें ट्रांसनिस्ट्रिया, सोवियत संघ के टूटने के बाद अवैध रूप से मोल्दोवा से अलग हो गया था. यहां अब भी क्रेमलिन का गहरा प्रभाव है. जबकि यूक्रेन के साथ सीमा साझा करने वाले मोल्दोवा, यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिश कर रहा है .
बुधवार को एक विशेष कांग्रेस में, ट्रांसनिस्ट्रिया के राजनेताओं ने मॉस्को से ‘मोल्दोवा से बढ़ते दबाव’ से बचाने की मांग की. क्रेमलिन ने बाद में कहा कि अपने ‘हमवतन’ की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है. सीएनएन के मुताबिक रूसी स्टेट मीडिया आरआईए नोवोस्ती ने यह जानकारी दी.
कांग्रेस ने शुरू में यह आशंका जताई थी कि मॉस्को मोल्दोवा की तेजी से बढ़ती पश्चिम-समर्थक सरकार को अस्थिर करने की अपनी दीर्घकालिक योजना पर आगे बढ़ सकता है. हालांकि मोल्दोवा ने इसे ‘प्रोपेगेंडा’ के रूप में खारिज कर दिया.
ट्रांसनिस्ट्रिया में क्या हुआ?
ट्रांसनिस्ट्रिया की कांग्रेस ऑफ डेप्युटीज़ एक सोवियत कालीन संस्था है. इसकी बैठकें दुर्लभ लेकिन अक्सर महत्वपूर्ण होती हैं.
डिप्टी कांग्रेस ही 1990 में ट्रांसनिस्ट्रिया के बनने की जिम्मेदार हैं जिसके दो साल बाद मॉस्को समर्थित अलगाववादियों और नवोदित मोल्दोवन गणराज्य के बीच युद्ध छिड़ गया.
कोई भी देश आधिकारिक तौर पर ट्रांसनिस्ट्रिया को मान्यता नहीं देता है. यहां रूस ने दशकों से सैन्य उपस्थिति रखी है जो लगातार घट रही है. अब लगभग 1,500 रूसी सैनिक हैं.
2006 में हुई कांग्रेस की आखिरी बैठक
बुधवार से पहले, कांग्रेस की सबसे हालिया बैठक 2006 में हुई थी, जब इसने रूस में शामिल होने के लिए जनमत संग्रह पारित किया था.
ट्रांसनिस्ट्रियन राजनेताओं ने जब एक नई बैठक की घोषणा की, तो एक्सपर्ट्स ने राय जाहिर की कि इसमें रूस के साथ एकीकरण के लिए नए सिरे से मांग उठ सकती है लेकिन मोल्दोवन और यूक्रेनी अधिकारियों ने इन अटकलों को खारिज कर दिया.
बुधवार को कांग्रेस में क्या हुआ
हालांकि कांग्रेस ने रूस के साथ एकीकरण की बात न कर एक प्रस्ताव पास किया जिसमें ट्रांसनिस्ट्रिया में रह रहे 220,000 से अधिक रूसी नागरिकों को मोल्दोवन अधिकारियों से बचाने के लिए मॉस्को से अधिक ‘सुरक्षा’ प्रदान करने की अपील की गई.
रूसी स्टेट मीडिया टीएएसएस के अनुसार, प्रस्ताव में कहा गया है, ‘ट्रांसनिस्ट्रिया लगातार अपनी पहचान, ट्रांसनिस्ट्रियन लोगों के अधिकारों और हितों के लिए लड़ेगा और किसी भी ब्लैकमेल या बाहरी दबाव के बावजूद उनकी रक्षा करना नहीं छोड़ेगा.’
रूस और मोल्दोवा की प्रतिक्रिया
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘ट्रांसनिस्ट्रिया के निवासियों, हमारे हमवतन के हितों की रक्षा करना प्राथमिकताओं में से एक है.’
मोल्दोवन के अधिकारियों ने ‘उन्माद’ भड़काने के प्रयास के रूप में कांग्रेस को खारिज कर दिया. प्रवक्ता डैनियल वोडा ने टेलीग्राम पर लिखा, ‘हमारे देश के इस क्षेत्र में स्थिति के बढ़ने और अस्थिर होने का कोई खतरा नहीं है. तिरस्पोल [क्षेत्र की राजधानी] में जो हो रहा है वह एक प्रोपेगेंडा कार्यक्रम है.’
सीएनएन के मुताबिक मोल्दोवा के पुनर्एकीकरण ब्यूरो ने कहा कि वह ‘तिरास्पोल की प्रचार संबंधी घोषणाओं को खारिज करता है और याद दिलाता है कि ट्रांसनिस्ट्रियन क्षेत्र के लिए यूरोपीय संघ के साथ शांति, सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण की नीतियों से लाभ होगा, जो सभी नागरिकों के लिए फायदेमंद हैं.’
इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैट मिलर ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ‘ट्रांसनिस्ट्रिया में रूस की गतिविधियों और वहां की व्यापक स्थिति पर बहुत करीब से नजर रख रहा है.‘
बुधवार को क्यों आयोजित हुई कांग्रेस?
यूक्रेन में रूस के युद्ध का ट्रांसनिस्ट्रिया की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है. युद्ध शुरू होने पर यूक्रेन ने ट्रांसनिस्ट्रिया के साथ अपनी सीमा बंद कर दी, जिससे एन्क्लेव का लगभग एक चौथाई व्यापार बंद हो गया. हालांकि इसे अभी भी रूसी गैस मुफ़्त मिलती है.
यूक्रेन के जरिए गैस ट्रांजिट की अनुमति देने का समझौता दिसंबर में समाप्त हो जाएगा, और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि समझौते को बढ़ाया जाएगा.
युद्ध ने मोल्दोवा को ट्रांसनिस्ट्रिया के साथ अपने दशकों पुराने संघर्ष को सुलझाने की कोशिश करने के लिए भी प्रेरित किया.
युद्ध के जवाब में, यूरोपीय संघ ने जून 2022 में मोल्दोवा को इसका सदस्य होने के लिए उम्मीदवार का दर्जा दिया और दिसंबर 2023 में सदस्यता के लिए वार्ता शुरू करने के लिए हरी झंडी दे दी.
मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया संदू ने संकेत दिया कि वह ट्रांसनिस्ट्रिया के बिना यूरोपीय संघ में शामिल हो सकती हैं.
इसी क्रम में, मोल्दोवा ने अप्रत्याशित रूप से जनवरी में ट्रांसनिस्ट्रिया व्यवसायों के लिए सीमा शुल्क राहत को रद्द कर दिया. जिससे उन्हें ट्रांसनिस्ट्रिया और मोल्दोवा दोनों को भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
बाल्टिक डिफेंस कॉलेज में सुरक्षा अध्ययन के व्याख्याता डुमित्रु मिंजारारी के मुताबिक ट्रांसनिस्ट्रिया का एक विशेष कांग्रेस आयोजित करने का फैसला मोल्दोवा द्वारा सीमा शुल्क को फिर से लागू करने से ‘सीधे तौर पर प्रेरित’ था.
मिंजारारी ने कहा, ‘अलगाववादी क्षेत्र को टैक्स छूट की पेशकश करके, मोल्दोवन सरकार व्यावहारिक रूप से तिरस्पोल में अलगाववादी शासन के अस्तित्व को फंडिंग कर रही थी, इस व्यवस्था को सरकार को अब बर्दाश्त नहीं करना चाहती.’
मिंजारारी ने कहा कि विवाद ने रूसी अधिकारियों के लिए “अशांत जल में मछली पकड़ने” के अवसर पैदा किए हैं.
मोल्दोवा में रूस की दिलचस्पी क्यों है?
अगर यूक्रेन पर रूस का हमला प्लान के मुताबिक होता, तो उसने कुछ ही दिनों में राजधानी कीव और हफ्तों में देश के बाकी हिस्सों पर कब्जा कर लिया होता और यूक्रेन के समुद्र तट से लेकर ट्रांसनिस्ट्रिया के पास दक्षिण-पश्चिमी शहर ओडेसा तक मॉस्को का अधिकार हो गया होता.
रूस के केंद्रीय सैन्य क्षेत्र के तत्कालीन कमांडर, मेजर जनरल रुस्तम मिन्नेकेव ने कहा, तथाकथित ‘विशेष सैन्य अभियान’ का एक मकसद दक्षिणी यूक्रेन से ट्रांसनिस्ट्रिया तक एक गलियारा बनाना था, क्योंकि रूस विदेश में अपने ‘हमवतन’ के साथ फिर से जुड़ना चाहता है.’
हालांकि यूक्रेन ने ट्रांसनिस्ट्रिया से लगभग 350 किलोमीटर (220 मील) दूर खेरसॉन में बढ़ती रूसी सेनाओं रोक दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस ने मोल्दोवा पर योजना बरकरार रखी है.
अमेरिका स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी, ‘क्रेमलिन ट्रांसनिस्ट्रिया को रूसी-कंट्रोल वाले प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है, जिसका उपयोग वह अन्य चीजों के अलावा मोल्दोवा की यूरोपीय संघ से जुड़ने की प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए कर सकता है.’
रूस ने जिस तरह 2014 में यूक्रेन के यूरोपीय संघ से जुड़ने की कोशिश को अस्वीकार्य माना और इसे रोकने के लिए सैनिक ताकत का इस्तेमाल किया. उसी तरह वह मोल्दोवा को भी रोकना चाहता है.
सीएनएन का दावा है कि उसने पिछले साल रूस की सुरक्षा सेवा, एफएसबी द्वारा तैयार किया गया एक दस्तावेज़ देखा था, जिसमें मोल्दोवा को अस्थिर करने और पश्चिम की ओर उसके झुकाव को विफल करने की अपनी योजना का विवरण दिया गया था.
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