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सियासत में प्रयागराज का नाम हमेशा शिखर पर चमका
– फोटो : अमर उजाला
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देश की सियासत में प्रयागराज का नाम हमेशा शिखर पर चमकता नजर आएगा। वजह है पूरब का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इस शहर की सबसे समृद्ध सियासी पाठशाला। अब जब देश में 18वीं लोकसभा चुनाव का डंका बज चुका है।
भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा में टिकट के लिए दिग्गजों के बीच खींचतान बढ़ गई है। ऐसे में इस पाठशाला से तपकर खरा सोना के रूप में निकले उन नगीनों की चर्चा मौजूं हो जाती है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू हों या महज सात महीने के लिए सत्ता संभालने वाले चंद्रशेखर या फिर कार्यवाहक पीएम रहे गुलजारी लाल नंदा। देश की तकदीर और तस्वीर संवारने में योगदान देने वाले इन दिग्गजों का इस धरती से सीधा नाता रहा है।
इलाहाबाद ईस्ट व फूलपुर से पंडित नेहरू तीन बार चुने गए थे सांसद
देश के पहले पीएम पं.नेहरू की यह शहर जन्मभूमि होने के साथ ही कर्मस्थली भी रहा है। वह पहली बार 1951 में इलाहाबाद ईस्ट सीट से सांसद चुने गए थे। फूलपुर संसदीय सीट से पंडित नेहरू दो बार सांसद चुने गए थे।
करछना में लाल बहादुर शास्त्री ने दिया था ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया
पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री भी 1957 और 1962 का लोकसभा चुनाव इलाहाबाद सीट से जीत कर संसद पहुंचे थे। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान इलाहाबाद की करछना विधानसभा के उरुवा ब्लॉक में एक जनसभा में उन्होंने पहली बार देश को ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था।
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