Home World Israel–Hamas War: हमास के नंबर 3 लीडर मरवान इस्सा को इजराइल ने खोज कर मारा, क्या अब नंबर 2 और टॉप 1 की बारी?

Israel–Hamas War: हमास के नंबर 3 लीडर मरवान इस्सा को इजराइल ने खोज कर मारा, क्या अब नंबर 2 और टॉप 1 की बारी?

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Israel–Hamas War: हमास के नंबर 3 लीडर मरवान इस्सा को इजराइल ने खोज कर मारा, क्या अब नंबर 2 और टॉप 1 की बारी?

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Israel Hamas War: इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने कहा था कि उसने हमास के खतरनाक आतंकी को गाजा में एक एयरस्ट्राइक के दौरान मार गिराया है. लेकिन उस समय उसकी मौत की पुष्टि नहीं हो पाई थी. अब अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा है कि हमास का नंबर तीन मारवान इस्सा पिछले सप्ताह इजरायल के एक ऑपरेशन में मारा गया है. इस्सा को पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता है. जिसके बाद इजराइल ने कसम खा लिया था कि हम हमास का पूरी तरह सफाया करेंगे. 

हमास के टॉप 3 में 1 को इजराइल ने टपकाया 

पिछले पांच महीने से चल रहे इजरायल और हमासे के बीच जंग में इजरायल की यह सबसे बड़ी कामयाबी है. इससे इजरायल की जनता और इजरायल के सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा. इजरायल पूरी दुनिया में अपने दुश्मन को खोज कर मारने में बहुत तेज मानी जाती है. उसी का एक उदाहरण है मरवान इस्सा की मौत. 

कौन है 59 साल का मरवान इस्सा
इस्सा का जन्म 1965 में गाजा पट्टी में हुआ था. इस्सा को हमास में एक्टिव होने के बाद पहले इंतिफादा (इजरायली-फिलिस्तीनी संघर्ष) के दौरान इजरायल ने 5 साल के लिए हिरासत में लिया था. बाद में उसे 1997 से 2000 तक फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा हिरासत में लिया गया, लेकिन दूसरे इंतिफादा के बाद उसे रिहा कर दिया गया.

हमले में बची थी जान 
इस्सा मध्य गाजा पट्टी में शरणार्थी शिविरों में कसम ब्रिगेड का प्रमुख बना. उसे मोसाद और आईडीएफ ने अपने टारगेट पर लिया तब वो बच गया था. 2006 में हमास की बैठक के दौरान उसकी लोकेशन पता चली तो इजरायल ने अटैक किया लेकिन उस दिन उसकी किस्मत अच्छी थी और वो हमले में बच गया. उस बैठक में भी डेफ और अन्य टॉप ब्रिगेड कमांडर मौजूद थे. 

हमास का बना चीफ 
मरवान हमास के फाउंडर मेंबर में से एक था. वह इस्सा हमास की मिलिट्री विंग इज अद-दीन अल कसम ब्रिगेड का डिप्टी चीफ था. अमेरिका ने 2019 में मरवान इस्सा को आतंकवादी घोषित किया था. इजरायल में हुए हमले के बाद से ही वह इजरायल के रडार से बचता रहा था. इजरायल की मोस्‍ट वॉन्‍टेड लिस्ट में शामिल मरवान इस्सा की सिर्फ एक फोटो ही पब्लिक डोमेन में उपलब्ध थी जिससे उसे पहचान कर पाना बड़ा मुश्किल था.

जेरुसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक माना जा रहा है कि गाजा (Gaza) में इस्सा ने इजरायल पर हुए हमले से पहले हमास के नेता याह्या सिनवार के साथ अपनी प्लानिंग डिस्कस की थी. जिसके बाद इजरायल-हमास युद्ध शुरू हो गया. जो अभी तक खत्म नहीं हुआ है. ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के मुताबिक इस्सा अपने संगठन में नंबर तीन की पोजिशन पर था. वह हमास की मिलिट्री विंग और पॉलिटिकल विंग के बीच की कड़ी था. वो काफी समय से अंडर ग्राउंड था और किसी भी सार्वजनिक मंच पर उसे नहीं देखा गया था.

हमास में टॉप 3 में अब बचे 2 लोग
हमास को पूरी तरह तीन लोग कंट्रोल करते हैं. हमास चीफ इस्माइल हानिया , मरवान इस्सा और याह्या सिनवार. सिनवार गाजा में हमास का नेता है. इजरायल दावा करता है कि इन तीनों ने मिलकर 7 अक्टूबर के नरसंहार को मास्टरमाइंड किया था. इसके बाद अब इजराइल के निशाने पर बाकी दो लोग बचे हैं. 

मरवान की मौत पर इजराइयल का बयान
इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने बताया कि इस्सा को मारना सफल रहा. उन्होंने अपने सैनिकों को धन्यवाद देते हुए कहा  “जमीनी ऑपरेशन के लिए धन्यवाद, हम उस जानकारी तक पहुंचे जिससे सफलताएं मिलीं.  यह उत्तरी गाजा, नुसीरात के केंद्रीय शिविरों और राफा के लिए सच है,”  यह बात गैलेट ने मध्य इजराइल में एक सैन्य अड्डे पर 98वें डिवीजन के सैनिकों के साथ मुलाकात के बाद कही है. 

अमेरिका ने की मौत की पुष्टि 
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा, “हमास का नंबर तीन मारवान इस्सा पिछले सप्ताह इजरायल के एक ऑपरेशन में मारा गया है.” सुलिवन ने कहा कि इजराइल ने “बड़ी संख्या में हमास की बटालियन को तोड़ दिया है और वरिष्ठ कमांडरों सहित हजारों हमास लड़ाकों को मार डाला है” उन्होंने कहा, “बाकी शीर्ष नेता शायद हमास के सुरंग नेटवर्क के अंदर छिपे हुए हैं. जल्द ही उनका भी नंबर आएगा.” गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने अभी तक अपने टॉप कमांडर की मौत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. 

इजराइल सैनिकों का बयान 
इजराइल की सेना ने 11 मार्च को कहा कि 9-10 मार्च को मध्य गाजा में एक भूमिगत परिसर पर हवाई हमले में इस्सा को निशाना बनाया गया था, इसके पहले हमास के राजनीतिक नेता सालेह अल-अरुरी को लेबनान में एक विस्फोट में मौत हो गई थी, जिसके लिए इजरायल को जिम्मेदार माना जाता है. हालांकि, इजरायल ने सीधे तौर पर हमला करने की बात स्वीकार नहीं की थी, लेकिन यह पूरी दुनिया जानती है कि इजरायल कभी बाहर की देशों में होने वाली मौतों का जिम्मा नहीं लेती. शुक्रवार को इजरायल के सुरक्षा अधिकारियों ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में बताया था कि हमें इस कामयाबी के पक्के संकेत मिले हैं. जहां पर इस्सा को मारा गया उस खुफिया जगह में कोई भी इजरायली बंधक नहीं था. सेना ने कहा वो मर चुका है. उसकी लाश मलबे में दबी है. वहीं हमास ने भी हमले में अपनी टॉप लीडरशिप के सफाए पर किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की है.

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