Home Breaking News अनिल विज का छलका दर्द: बोले- मुख्यमंत्री बदले जाने की नहीं थी जानकारी, इस बात का दुख है मुझे

अनिल विज का छलका दर्द: बोले- मुख्यमंत्री बदले जाने की नहीं थी जानकारी, इस बात का दुख है मुझे

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अनिल विज का छलका दर्द: बोले- मुख्यमंत्री बदले जाने की नहीं थी जानकारी, इस बात का दुख है मुझे

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I too was not aware of change of Chief Minister, I am sad about this: Anil Vij

अनिल विज
– फोटो : ANI

विस्तार


हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल विज ने कहा कि मुझे यह जानकारी नहीं थी कि आज मुख्यमंत्री बदलना है। यह सारा खेल मनोहर लाल का है तो उन्हें ही इसकी जानकारी होगी। वरिष्ठ मंत्री होने के बाद भी मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। इस बात का मुझे दुख है। अनिल विज रविवार को वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. योगेश बिदानी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह यहां डॉ. योगेश बिदानी के घर पौत्र रत्न की प्राप्ति पर उसे आशीर्वाद देने पहुंचे थे।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनोहर लाल बढि़या काम कर रहे थे। अब ये तो हाईकमान की मर्जी है, किससे कहां काम लेना है। मंत्री पद जाने के सवाल पर अनिल विज ने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में कोई निराशा नहीं है। जब मैं ही निराश नहीं हूं तो कार्यकर्ता क्यों निराश होंगे। मैं पार्टी का अनन्य भक्त हूं और पार्टी का काम करना है।

मंत्री रहकर ही नहीं, विधायक रहकर भी काम कर सकते हैं। मैं पहले से ज्यादा काम करूंगा। लोकसभा चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की सुनामी चल रही है और इस सुनामी के आगे विपक्ष कहीं ठहर नहीं पाएगा।

राजकुमार सैनी के कांग्रेस में जाने के सवाल पर पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राजनीति होती है। उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये मत देखो कि इंडी अलायंस के खड़े कितने हैं, चार तारीख को यह देखना कि इनके पड़े कितने हैं।

नई कैबिनेट को लेकर उन्होंने कहा कि नई कैबिनेट में सभी सुलझे हुए लोगों को मंत्री बनाया गया है। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुछ प्रवासी पक्षी होते हैं, जो मौसम बदलने के साथ अलग-अगल पेड़ों पर जाते रहते हैं। यह पुराना नियम है।

केजरीवाल खुद कहते थे कि मैं गलती करूं तो मुझे भी अंदर कर देना

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि ये नैतिकता बनती है तो अगर आप गिरफ्तार होते हैं तो आपको इस्तीफा देना पड़ता है। इससे पहले भी कई मुख्यमंत्री गिरफ्तार हुए तो उन्होंने पहले इस्तीफा दिया और फिर गिरफ्तार हुए। ये राजनीति में आने से पहले जितनी बातें करते थे, अब उनसे विपरीत कर रहे हैं। पहले इनकी विदुर नीति फिर चाणक्य नीति और अब केजरी नीति है। इसके मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेता ऐसे काम करें कि जेल में चले जाए और फिर से जेल में बैठकर सरकार चलाए, ऐसा इनका सोचना है। अरविंद केजरीवाल का खुद का ट्वीट था कि सीबीआई या कोई दूसरी एजेंसी बुलाए तो जाना चाहिए। मैं उनका भाषण सुन रहा था कि अगर कोई मेरा एमएलए गलती करें तो उसे अंदर कर देना। अगर मैं गलती करूं तो मुझे भी अंदर कर देना। अब क्यों रोते हैं। अब ईडी ने जांच की है। देश में पहली बार एजेंसी निर्भीक होकर काम कर रही है। पहले मुख्यमंत्री को दूर उनके आसपास वालों के पास भी नहीं पहुंचती थीं। ये प्रजातंत्र की स्वस्थ हालात की तरफ इशारा करता है।

जाएंगे सब बारी-बारी, अब सबकी है तैयारी

भूपेंद्र हुड्डा के जेल में जाने के सवाल पर अनिल विज ने कहा कि जाएंगे सब बारी-बारी, अब सबकी है तैयारी। अनिल विज ने कहा कि मैंने खुद को कभी गब्बर नहीं कहा। अनिल विज पहले भी आता था और अब भी आएगा। जितने लोगों की समस्या का समाधान मैं कर सका, मैंने किया। मैंने रात दो बजे तक भी लोगों की समस्याओं को सुना है और हल किया। मैंने सोते हुए एसपी को जगाया और लोगों की समस्या का समाधान करवाया है। मैं अब विधायक होते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान करवाऊंगा। मुझे कोई नहीं रोक सकता।

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