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Israeli strike on iran: इजरायल ने जिस तरह ईरान पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है, इस तरह की खबरों ने पूरी दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्फहान शहर में शुक्रवार तड़के तेज धमाके की आवाजें सुनाई दीं. लेकिन ईरान सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है. इसी बीच अमेरिकी रिपोर्टों में कहा गया है कि इजरायल ने ईरान शहर इस्फहान में मिसाइलें दागीं हैं. हां, यह सच है कि इजरायल का टॉरगेट इरान का परमाणु संयत्र सेंटर नहीं था.
ईरान नहीं कबूल रहा हमला
ईरान अभी भी नहीं कबूल रहा कि इजरायल की मिसाइलें हमारे जमीन पर गिरी हैं. एबीसी न्यूज ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया था कि इजरायल ने ईरान हवाईअड्डे पर मिसाइल दागी है. दूसरी तरफ ईरान के स्थानीय मीडिया ने बताया कि इस्फहान में एक तेज़ धमाका सुना गया. धमाका किसकी वजह से हुआ. इसके बारे में भी जानकारी नहीं दी है. दूसरी तरफ न्यूयॉर्क टाइम्स ने तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की थी कि इस्फहान के पास एक सैन्य हवाई अड्डे पर हमला हुआ है. लेकिन उधर इजरायल ने यह नहीं बताया कि हमला किस देश ने किया है. दो इजरायली सैन्य अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इस हमले के पीछे इजरायल का हाथ है.
अब अमेरिका की आई नई रिपोर्ट
अमेरिकी मीडिया ने बाद में रिपोर्ट में बताया कि इस इजरायल ने ड्रोन से ही नहीं बल्कि वायु सेना के युद्धक विमानों द्वारा तीन मिसाइलें लॉन्च की गई थीं, जिसमें इस्फहान के पास एक वायु रक्षा रडार साइट को निशाना बनाया था, इसी साइट से गुप्त नटानज़ परमाणु साइट की रक्षा की जाती है.
इजरायल का हमला सफल रहा
“वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य सूत्रों” का हवाला देते हुए, फॉक्स न्यूज ने बताया कि इजरायलियों ने जिस पर हमला करना चाहा था, वहीं पर सफल हमला किया. इजरायल की मिसाइलों को ईरान की रूसी निर्मित वायु रक्षा प्रणाली पकड़ने में फेल रही.
इजरायल का संदेश
सूत्र ने कहा कि हमले के साथ इजरायल का संदेश ईरानियों को बस इतना बताना था कि “हम आप तक पहुंच सकते हैं और आपके किसी भी एरिया में हमला कर सकते हैं. टाइम्स ऑफ इज़राइल द्वारा देखी गई सैटेलाइट इमेजरी में इस्फ़हान हवाई अड्डे के पास रडार प्रणाली को नुकसान हुआ दिखाया गया है. शुक्रवार को ली गई अतिरिक्त सिंथेटिक एपर्चर रडार उपग्रह छवियों से भी सबूत मिले कि रडार साइट पर हमला किया गया था. उधर सीएनएन द्वारा प्रकाशित उपग्रह चित्रों में दिखाया गया कि ईरान के इस्फ़हान हवाई अड्डे को कोई व्यापक क्षति नहीं हुई है.
देखें तस्वीरें
Umbra synthetic aperture radar imagery acquired 0648Z 19APR2024 showed evidence of damage to the Iranian S-300PMU2 strategic surface-to-air missile battery in Isfahan since 15APR2024. A probable damaged 30N6E target engagement radar was visible in imagery still on the radar… pic.twitter.com/eqMFTanPOH
— Chris Biggers (@CSBiggers) April 19, 2024
ईरान छिपा रहा हमला
मीडिया रिपोर्टों के बावजूद ईरान इस बात पर ज़ोर देता रहा कि केवल कई छोटे ड्रोन लॉन्च किए गए थे और उनसे कोई नुकसान नहीं हुआ था. ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने न्यूयॉर्क में मुस्लिम देशों के दूतों को की गई टिप्पणियों और ईरानी मीडिया के हवाले से कहा कि ड्रोन से कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ.
क्यों बोल रहा ईरान झूठ
पहली बात ईरान अगर यह मान ले कि इजरायल ने हमला बड़ा किया है तो उसे इजरायल को उससे बड़ा हमले का जवाब देना पड़ेगा. दूसरी बात अगर ईरान की जनता जान गई कि इजरायल ने घर में घुसकर हमला किया है तो सरकार की किरकिरी होगी. तीसरी बात ईरान की इतनी ताकत नहीं है कि वह इजरायल से लड़ पाए इसलिए उसने इस मामले में चुप्पी साधना ही बेहतर समझा है.
शुक्रवार को क्या हुआ सिलसिलेवार समझते हैं:-
ईरान के सरकारी मीडिया का बयान
इज़रायली अधिकारियों की ओर से हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ईरान में सरकारी मीडिया ने तेहरान से लगभग 315 किलोमीटर (196 मील) दक्षिण में शहर में एक सैन्य स्थल पर हमले के बारे में बताया तो है, लेकिन किसी घटना का जिक्र नहीं किया है.
एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव
इजराइल द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों के बीच ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया है. इससे यह पता चलता है कि हमला तो हुआ है, ईरान इस बात की पुष्टि करे चाहे न करे.
इजरायल का इस्फहान शहर में हमला क्यों?
इजरायल ने जानबूझकर ईरान के दिल के करीब शहर इस्फहान पर ही हमला किया है. इसके पीछे कई सारी वजह हैं. जिसमें सबसे प्रमुख है इस शहर में ही ईरान अपना परमाणु संयंत्र सेंटर खोल रखा है. इसलिए इजरायल ने यह साफ तौर पर बता दिया है कि अगर हम इस्फहान पर हमला कर सकते हैं तो परमाणु संयंत्र पर भी हमला बोल सकते हैं. सीएनएन के एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इजराइल ने अमेरिका को बताया कि हमला ईरानी परमाणु संयंत्र को निशाना बनाकर नहीं किया गया था.
ईरान और इजरायल पर जंग क्यों?
एक अप्रैल को सीरिया की राजधानी दमिश्क में दूतावास परिसर पर एक हवाई हमला हुआ. इस हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल और छह अन्य ईरानी सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी. जिसके बाद ईरान इस हमले का विरोध जताने लगा. बात यहां तक पहुंची कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कसम खा लिया कि इस हमले को इजरायल ने किया है. और हम इस हमले का जवाब देंगे.
खामेनेई का कहना था कि इजराइल को दंडित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह हमला सीरिया पर नहीं ईरानी धरती पर हमले के समान है. ईरान ने अपनी कसम पूरी करते हुए शानिवार को इजरायल पर अपने पहले सीधे हमले में विस्फोटक ड्रोन और मिसाइलें लॉन्च की. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. इजरायल ने बदला लेने की कई थी बात. शुक्रवार को इजरायल ने ईरान से ले लिया बदला.
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