Home Breaking News Kedarnath: भक्तों ने बनाया नया रिकॉर्ड, इतिहास में पहली बार कपाट खुलने पर पहुंचे इतने श्रद्धालु, तस्वीरें

Kedarnath: भक्तों ने बनाया नया रिकॉर्ड, इतिहास में पहली बार कपाट खुलने पर पहुंचे इतने श्रद्धालु, तस्वीरें

0
Kedarnath: भक्तों ने बनाया नया रिकॉर्ड, इतिहास में पहली बार कपाट खुलने पर पहुंचे इतने श्रद्धालु, तस्वीरें

[ad_1]

पंचकेदार में प्रमुख केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा में नया अध्याय भी जुड़ गया है। शुक्रवार को कपाटोद्घाटन पर धाम में 29030 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि कपाटोद्घाटन के मौके पर इनती बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 

श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कार्यधिकारी  रमेश चंद्र तिवारी ने कहा कि इस उपलब्धि से यात्रा में नया अध्याय जुड़ा है। पहले दिन जिस तरह से श्रद्धालुओं से का उत्साह देखने को मिला है, उससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और भी अधिक हो सकती है।

Yamunotri Dham: बारिश के बीच उमड़ी भीड़, रास्ते में कई किलोमीटर तक फंसे रहे श्रद्धालु, तस्वीरें

भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक केदारनाथ धाम के कपाट वेद मंत्रोच्चार के बीच शुभ लग्न पर शुक्रवार सुबह 7 बजे खोल दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई गणमान्य लोगों ने बाबा केदार के दर्शन किए। हजारों श्रद्धालु भी इस पावन पल के साक्षी बने।




बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों की रात्रि एक बजे से लाइन लगनी शुरू हो गई थी। शुक्रवार को सुबह 6 बजे से ही मंदिर में कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू की गई। सुबह 6.30 बजे केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग परंपराओं का निर्वहन करते हुए मंदिर में पहुंचे।


रावल भीमाशंकर लिंग ने कहा कि भगवान केदारनाथ छह माह अपने धाम में विराजमान हो गए हैं। अब, बाबा के भक्त छह माह तक अपने आराध्य के दर्शन और पूजा-अर्चना धाम में ही करेंगे। उन्होंने भगवान केदारनाथ से देवभूमि उत्तराखंड और समस्त भारतवर्ष की सुख-समृद्धि की कामना की।


इसके उपरांत ठीक सुबह 7 बजे धाम के कपाट खोले गए। इस मौके पर पूरा केदारनाथ क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंज उठा। सुबह 10 बजे तक पूरा मंदिर परिसर भक्तों से पूरी तरह से खचाखच भर गया था।


मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने बाबा केदार को समाधि रूप से जागृत किया और पूजा-अर्चना करते हुए अन्य परंपराओं का निर्वहन किया। इसके बाद बाबा केदार के दर्शनों के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा।  


[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here