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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हथिनी ने दिया बच्चे को जन्म।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 60 वर्षीय मादा हाथी अनारकली ने पांचवें बच्चे को जन्म दिया है। इससे पूरे टाइगर रिजर्व में खुशी का माहौल है। अनारकली को 1978-79 में बिहार के सोनपुर मेले से रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद उसे बांधवगढ़ लाया गया था। तब उसकी उम्र करीब 13-14 वर्ष थी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप-संचालक पीके वर्मा ने बताया कि बुधवार को सुबह सवा छह बजे अनारकली ने स्वस्थ नर बच्चे को जन्म दिया है। दोनों स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। उच्च-गुणवत्ता का भोजन मादा हाथी को दिया जा रहा है। प्रबंधन का कहना है कि बांधवगढ़ न केवल बाघों के लिए बल्कि भालु, तेंदुओं और हाथी के लिए भी जाना जाता है। टाइगर रिजर्व में इन जानवरों की संख्या में बढ़ोतरी उत्साह बढ़ाने वाली है।
जिसे सूचना मिली, वह चकित
दरअसल, आम तौर पर मादा हाथी की गर्भधारण क्षमता 50 वर्ष तक मानी जाती है। उसके बाद हाथी में फर्टिलिटी कम होती जाती है। 60 या उससे अधिक उम्र की मादा हाथी का गर्भधारण दुर्लभ ही है। अब तक के अध्ययन में बहुत कम मादा हाथी में ही 60 वर्ष की उम्र के बाद गर्भधारण की क्षमता देखी गई है। इसके लिए हारमोन टेस्टिंग का प्रयोग किया जाता है।
18 से 22 माह होती है गर्भधारण की अवधि
हाथी की गर्भधारण अवधि पृथ्वी पर मिलने वाले प्राणियों में सबसे अधिक है। आम तौर पर एशियाई हाथियों की गर्भधारण अवधि 18 से 22 माह मानी जाती है। ऐसे में हाथियों में गर्भधारण और प्रसव एक बहुत बड़ी चुनौती माना जाता है। इसके अलावा एक हाथी अपने औसत जीवनकाल में चार से पांच बच्चों को ही जीवन देती है। यह बात अलग है कि कुनबों में रहने की वजह से हाथियों के समूह में 20 से 100 तक हाथी हो सकते हैं।
बिहार से रेस्क्यू किया था अनारकली को
टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि अनारकली को 1978-79 में सोनपुर मेले से रेस्क्यू किया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 14-15 साल रही होगी। इससे उसका जन्म 1964 में होने का आकलन किया गया था। इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि अनारकली ने 60 साल की आयु में शिशु को जन्म दिया है।
अनारकली के बच्चे की सुरक्षा बढ़ाई
अनारकली ने अमनाला कैम्प में बच्चे को जन्म दिया है, जहां पिछले कुछ महीने से उसे रखा गया था। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से हथिनी और बच्चे की जांच कर रही है। रिजर्व प्रबंधन ने कैम्प की सुरक्षा बढ़ा दी है। गौतम हाथी को सुरक्षा में तैनात किया गया है। साथ ही बीट गार्ड, चारा कटर और महावत 24 घंटे कैम्प में तैनात किए गए हैं। वह भी हाथी की निगरानी कर रहे हैं।
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