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US Presidential Election: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. साल के अंत में होने वाले चुनाव से पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चर्चा जोरों पर है. सब यही जानना चाहते हैं कि 34 गंभीर आपराधों में दोषी ठहराए जा चुके ट्रंप चुनाव लड़ पाएंगे या नहीं. पिछले हफ्ते ही न्यूयॉर्क की एक अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप को अपराध की गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया है. आइये जानने की कोशिश करते हैं कि अदालत के फैसले से डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव लड़ने पर क्या असर पड़ सकता है…
ट्रंप पर 34 अपराध हुए सिद्ध
ट्रंप के दोष सिद्ध होने पर जानकारों ने कहा कि इससे अमेरिका की लोकतांत्रिक प्रतिष्ठा और संस्थाओं पर बुरा असर होगा और यह कमजोर हो सकती हैं. पहले आपको ट्रंप पर सिद्ध हुए दोष के बारे में बताते हैं. फैसले में कहा गया है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को गुप्त रूप से धन दिया था और इसे छिपाने के लिए कारोबारी रिकॉर्ड में हेराफेरी की थी. इस मामले में ट्रंप पर सभी 34 आरोप सिद्ध हुए हैं. ट्रंप आपराधिक आरोपों में दोषी पाए जाने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं.
फैसले पर क्या थी ट्रंप की प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यह एक धांधली, अपमानजनक मुकदमा था. 5 नवंबर को अमेरिका की जनता असली फैसला सुनाएगी. यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि अदालती मामले का नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की उम्मीदवारी पर क्या असर पड़ेगा. लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फैन फॉलोइंग में तेज उछाल आया है. ट्रंप का कैंपेन डोनेशन पेज क्रैश हो गया और उनका आधार दोगुना हो गया है.
ट्रंप की लोकप्रियता पर असर नहीं
प्रमुख अमेरिकी चुनाव विश्लेषक फाइवथर्टीऐट के अनुसार, अप्रैल में मुकदमा शुरू होने के बाद से, मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन पर ट्रम्प की बढ़त 0.7% से बढ़कर 1.7% हो गई है. यूगोव सर्वे के अनुसार, रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच, ट्रम्प को 41% की अनुकूल रेटिंग मिली, जबकि 85% पंजीकृत रिपब्लिकन मतदाता नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प को वोट देने का इरादा रखते हैं. यह उन 89% रिपब्लिकन मतदाताओं पर मामूली गिरावट है जिन्होंने मुकदमे की शुरूआत में यूगोव पोल में कहा था कि वह ट्रम्प को वोट देंगे.
चुनावों में समर्थन मिलना जारी
जानकारों की मानें तो कोर्ट का फैसला ट्रम्प को चुनाव में शायद ज्यादा नुकसान न पहुंचाए. वैसे आने वाला समय ही बताएगा कि इस फैसले का ट्रम्प के समर्थन पर और प्रभाव पड़ेगा या नहीं. हैरान करने वाली बात यह नहीं है कि ट्रम्प को आरोपों का दोषी पाया गया है, बल्कि यह है कि उन्हें चुनावों में समर्थन मिलना जारी है. लेकिन उनके अधिकांश समर्थकों का मानना है कि वह राजनीतिक षड़यंत्र का शिकार हुए हैं.
जेल भी भेजा जा सकता है..
अब बात करते हैं जेल की गिरफ्तारी या उन्हें होने वाली संभावित सजा के बारे में. ट्रम्प की संभावित सजा अभी स्पष्ट नहीं है. यह मौखिक चेतावनी जैसी मामूली से लेकर चार साल की जेल की सजा भी हो सकती है. ऐसी संभावना है कि ट्रम्प सजा के खिलाफ ऐसी प्रक्रिया में अपील करेंगे जो अंतिम परिणाम को अगले चुनाव तक ले जाएगी. इस बात की कोई संभावना नहीं है कि अगर ट्रम्प नवंबर के चुनाव में फिर से राष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो वे खुद को माफ़ कर पाएंगे, क्योंकि यह एक राज्य का मामला था और इसमें संघीय कानून के तहत मुकदमा नहीं चलाया गया था.
खुद को निर्दोष बता रहे ट्रंप
ट्रम्प किसी भी हाल में इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे. अपने पूरे मुकदमे के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है. उन्होंन अपने समर्थकों को एक ईमेल भेजा था जिसमें ट्रम्प ने कहा था कि ‘हमने कुछ भी गलत नहीं किया’. लेकिन रिकॉर्ड दिखाएगा कि पूर्व राष्ट्रपति एक सजायाफ्ता अपराधी है. यह तो समय ही बताएगा कि इसका चुनाव पर और आने वाले महीनों में अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर क्या असर पड़ेगा.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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