[ad_1]
Pakistan Cricket Team: पाकिस्तानी टीम में एक क्रिकेटर ऐसा भी था जिसके प्रदर्शन के हर तरफ काफी चर्चे रहते थे, लेकिन धर्म को लेकर वह लगातार भेदभाव का शिकार होता रहता था. पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने एक बार सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा था कि वह पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में धर्म को लेकर भेदभाव का शिकार हुए थे. दानिश कनेरिया अपने मामा अनिल दलपत के बाद पाकिस्तान के लिए खेलने वाले केवल दूसरे हिंदू खिलाड़ी थे. कनेरिया ने कहा कि उनके लिए अपने धर्म से परे आफरीदी के इस भेदभावपूर्ण व्यवहार के पीछे के कारण के बारे में सोचना मुश्किल था.
PAK टीम में भेदभाव का शिकार हुआ था ये खिलाड़ी
दानिश कनेरिया ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी पर बड़ा आरोप लगाया था कि मेरे साथ अफरीदी का बर्ताव कभी अच्छा नहीं रहा. वे शुरू से ही मेरे खिलाफ थे. उन्होंने जानबूझकर मुझे वनडे टीम में ज्यादा मौके नहीं दिए. इसलिए मेरा करियर बर्बाद हो गया. कनेरिया ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में यह बात कही थी. कनेरिया ने कहा कि कप्तान रहते अफरीदी ने मुझे वनडे टीम में बहुत कम मौके दिए.
साथ खाना भी नहीं खाते थे साथी क्रिकेटर्स
इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी कहा था कि दानिश कनेरिया का पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में कुछ खिलाड़ियों ने अपमान किया, क्योंकि वह हिन्दू था. इस वजह से उसे जरूरी श्रेय नहीं मिला और कुछ खिलाड़ी तो उसके धर्म के कारण उसके साथ खाना नहीं खाते थे. शाहिद अफरीदी पर आरोप लगाते हुए दानिश कनेरिया ने कहा था, ‘अफरीदी हमेशा से मेरे खिलाफ थे. जब हम घरेलू क्रिकेट में एक डिपार्टमेंट की तरफ से खेले या पाकिस्तान की वनडे टीम में, उनका बर्ताव बुरा ही रहता था. आप समझ सकते हैं कि अगर कोई शख्स हमेशा आपके खिलाफ हो, तो इसके पीछे धर्म के अलावा कोई दूसरा कारण आपको नजर नहीं आता है.’
‘टॉयलट पेपर की तरह इस्तेमाल करके फेंक दिया’
कनेरिया 2009 में एसेक्स की तरफ से काउंटी क्रिकेट खेलने के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाए गए थे. वे तब से ही टीम में वापसी के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से गुहार लगा रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ पीसीबी से मदद चाहता हूं. अगर बोर्ड मोहम्मद आमिर, सलमान बट को मौका दे सकता है, तो मुझे क्यों नहीं. मैंने भी गलती की थी, लेकिन दूसरों ने भी तो यही किया था, लेकिन मुझे टॉयलट पेपर की तरह इस्तेमाल करके फेंक दिया गया.
61 टेस्ट में 261 विकेट झटके
कनेरिया ने इंजमाम उल हक की कप्तानी में सबसे ज्यादा क्रिकेट खेली है. उन्होंने कहा कि इंजमाम ने मुझे काफी सपोर्ट किया. मैंने मोइन खान और राशिद लतीफ की कप्तानी में भी खेला. ये भी मुझे पसंद करते थे, लेकिन मैंने अफरीदी की कप्तानी में बहुत कम खेला. कनेरिया पाकिस्तान की तरफ से खेलने वाले दूसरे हिंदू क्रिकेटर थे. इससे पहले उनके एक रिश्तेदार अनिल दलपल पाकिस्तान के लिए खेले थे. कनेरिया ने 61 टेस्ट में 34.79 की औसत से 261 विकेट लिए थे.
[ad_2]
Source link