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China Taiwan Relations: चीन और ताइवान के बीच जारी तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी रक्षा अधिकारी एलब्रिज कोल्बी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एलब्रिज ने कहा है कि चीन, ताइवान के खिलाफ सरप्राइज अटैक कर सकता है. एक साक्षात्कार के दौरान कोल्बी ने कहा है कि अमेरिकी सेना को मजबूत करने की जरूरत है ताकि वह चीनी आक्रामकता के खिलाफ तुरंत प्रतिक्रिया दे सके.
एलब्रिज कोल्बी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार में 2017-2018 तक अमेरिकी रणनीति और बल विकास के लिए उप सहायक रक्षा सचिव थे. नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुने जाने पर उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय के संभावित उम्मीदवार के रूप में भी नामित किया गया है.
पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा?
रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के पूर्व अधिकारी ने कहा है कि शी जिनपिंग ने शायद यह निष्कर्ष निकाला है कि चीन के साथ ताइवान का शांतिपूर्ण समझौता संभव नहीं है. कोल्बी ने यह भी कहा कि क्रॉस-स्ट्रेट युद्ध में अमेरिका और एशिया प्रशांत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींस में अमेरिकी सैनिक शामिल हो सकते हैं. कोल्बी ने अमेरिका को सलाह दी है कि वह अपना समर्थन यूक्रेन से ताइवान को स्थानांतरित कर दे क्योंकि एशिया अब ‘प्राइमरी थिएटर’बन चुका है.
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को यूरोप भी नहीं छोड़ना चाहिए. हालांकि, कोल्बी का मानना है कि चीन का सामना करने की तुलना में यूरोप अपने दम पर रूस को संभालने में अधिक सक्षम है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आवश्यक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए चीन का ताइवान के खिलाफ एक सरप्राइज अटैक करना मुश्किल हो सकता है.
इस महीने की शुरुआत में चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने ताइवान स्वतंत्रता अलगाववादियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘बाहरी ताकतों’ को चेतावनी दी थी. चीन ने कहा था कि ये दुर्भावनापूर्ण इरादे ताइवान को खतरनाकस्थिति की ओर खींच रहे हैं. चीनी रक्षा मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा था कि जो कोई भी ताइवान को चीन से अलग करने की हिम्मत करेगा, उसका अंत खुद के विनाश के रूप में होगा.
चीन ने अमेरिका को चेताया था
हाल ही में चीनी रक्षा मंत्री ने कहा था कि कुछ बाहरी ताकतें वन-चाइना पॉलिसी को उल्लंघन करती रहती हैं और ताइवान को हथियार बेचना जारी रखती हैं. चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता चांग श्योकांग ने कहा था कि चीन के ताइवान क्षेत्र में अमेरिका ने हथियारों की ब्रिकी कर वन-चाइना पॉलिसी का गंभीर उल्लंघन किया है. ताइवान मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों में पहली लाल रेखा है, जिसे पार नहीं किया जा सकता है. अमेरिका ताइवान स्वतंत्रता अलगाववादी ताकतों का समर्थन करता है और उनकी जय-जयकार करता है. अमेरिका कदम-दर-कदम ताइवान को खतरनाक स्थिति में धकेल रहा है.
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