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लेकिन, कारोबार के जानकारों की मानें तो फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ की ब्राडिंग हिंदी भाषी क्षेत्रों में स्थानीय भावनाओं के अनुरूप नहीं हो पाई है। ‘बुज्जी’ कार को मुंबई में भी कोई भाव नहीं मिला था, उत्तर भारत में भी इसे देखने के लिए कहीं कोई मेला लगने की खबर अब तक नहीं आई है। फिल्म की एडवांस बुकिंग के आंकड़ों को देखें तो समझ आता है कि फिल्म का पूरा तिलिस्म दक्षिण भारत में ही है। मंगलवार शाम तक फिल्म की करीब 20.68 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग हो चुकी है, लेकिन ये अधिकतर बुकिंग दक्षिण भारतीय भाषाओं के संस्करणों की ही है।
फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के हिंदी संस्करण की एडवांस बुकिंग के विवरण के मुताबिक फिल्म की अब तक कुल एडवांस बुकिंग की महज 10 फीसदी से भी कम टिकटें ही हिंदी की बिकी है। फिल्म हिंदी में भी अन्य भाषाओं की तरह टूडी, थ्रीडी, टूडी आईमैक्स और थ्रीडी आईमैक्स में रिलीज हो रही है। फिल्म की हिंदी थ्रीडी की करीब डेढ़ करोड़ रुपये की टिकटें ही अब तक बिक सकी हैं। हिंदी के बाकी प्रारूपों में करीब 40 लाख रुपये की टिकटें और बिक पाई हैं। साउथ सिनेमा की फिल्मों को अखिल भारतीय स्तर पर हिट होने के लिए इनकी कमाई हिंदी में तेलुगु और तमिल के बराबर ही होना बहुत जरूरी है लेकिन फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ इस मामले में शुरुआती दौड़ में पिछड़ती दिख रही है।
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