Home World Afghanistan: अफगानिस्तान में लड़कियों की पढ़ाई के रास्ते हुए बंद, तालिबान ने यूनिवर्सिटीज में पढाई पर लगाया बैन

Afghanistan: अफगानिस्तान में लड़कियों की पढ़ाई के रास्ते हुए बंद, तालिबान ने यूनिवर्सिटीज में पढाई पर लगाया बैन

0
Afghanistan: अफगानिस्तान में लड़कियों की पढ़ाई के रास्ते हुए बंद, तालिबान ने यूनिवर्सिटीज में पढाई पर लगाया बैन

[ad_1]

तालिबान नवीनतम समाचार: अफगानिस्तान (अफगानिस्तान) के सत्ता पर काबिज आन्दोलन को महिलाओं का पढ़ना-लिखना रास नहीं आ रहा है। तालेबंदी ने आदेश जारी कर महिलाओं के लिए विश्वविद्यालय को बंद करने की घोषणा की है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के लिए ऑलंड के चार्ज मिनिस्टर की ओर से जारी इस संबंध में आदेश में कहा गया है कि लड़कियों के लिए अगली कमान तक यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई बंद कर दी गई है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का हुक्म सुना गया है।

लड़कियों के लिए पढ़ाई बंद करने के रास्ते

सूत्रों के मातबिक अफगानिस्तान (अफगानिस्तान) में 3 महीने पहले ही हजारों लड़कियों और महिलाओं ने यूनिवर्सिटीज में टेक्स्ट के लिए टेक्स्ट टेस्ट दिए थे। उन्हें उम्मीद थी कि पढ़-लिखकर वे भी कुछ हद तक अपना मुक़द्दर संवार सकते हैं, लेकिन अब तालेबान (तालिबान) के इस आदेश से उनके लिए शिक्षा पाने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। ये विश्वविद्यालय आगे उनके लिए खुलेंगी या नहीं, इसके बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं है।

पहले भी तुगलकी फरमान जारी कर चुकी है तालेबंदी

इस तुगलकी कमान से पहले आन्दोलन ने फरमान जारी कर युवक-युवतियों के साथ ब्रेक लगा दिया था। तालेबान ने आदेश जारी कर कहा था कि लड़का-लड़की किसी भी सूरत में एक साथ नहीं पढ़ सकते। इसके साथ ही बंदियों ने हुक्म जारी किया था कि लड़कों के स्कूलों में महिला और महिलाओं के स्कूलों में पुरुष नहीं पढ़ते हैं। यह आदेश अफगानिस्तान में व्यवसाय के दौरान अगस्त 2020 में जारी किया गया था।

पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद में उलझा हुआ है

ब्लाक ब्लाइंड (तालिबान) ने इन दिनों अपने आका पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद में गड़बड़ी की है। सीमाओं में पाकिस्तान के सैनिक संबंध बनाना चाहते हैं लेकिन बंदियों को यह बंधक नहीं रखता है, जिसे लेकर दोनों के बीच कई बार गोली चल चुकी है. इसके चलते उसके और पाकिस्तान के संबंध भी कमज़ोर रूप से कमज़ोर हुए हैं। अफगानिस्तान की सत्ता पर 2 साल के काबिज होने के बावजूद अभी तक पाकिस्तान को छोड़कर किसी भी देश को मान्यता नहीं दी गई है। जिसके कारण लॉकडाउन को देश चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी वह महिलाओं और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रही है।

(पाठकों की पहली पसंद Zeenews.com/hindi – अब किसी और की ज़रूरत नहीं है)

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here