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General Manoj Pande
– फोटो : सोशल मीडिया
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भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन व पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर सेना के शीर्ष अधिकारियों की पांच दिवसीय बैठक सोमवार को शुरू हुई। बैठक के पहले दिन सैन्य अधिकारियों ने सेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि आगे बैठक में 13 लाख जवानों से युक्त सेना के आधुनिकीकरण और उसमें प्रौद्योगिकी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रशिक्षण, रोबोटिक्स, वर्चुअल रियलिटी आदि के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 अप्रैल को बैठक को संबोधित करेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों को सीडीएस अनिल चौहान, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार और वायुसेना अध्यक्ष वीआर चौधरी भी संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दौरान चीन में पूर्व राजदूत विजय गोखले द्वारा भारत-चीन संबंधों की भावी रूपरेखा पर वार्ता की भी योजना है। साल में दो बार होने वाली इसकी पहली बैठक 21 अप्रैल तक चलेगी।
पहली बार, इस बैठक का आयोजन हाइब्रिड प्रारूप में किया जा रहा है। इसमें सेना के कमांडर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहले दिन वर्चुअल तौर पर बैठक में हिस्सा लेंगे। फिर विस्तृत विचार-विमर्श की आवश्यकता वाले मुद्दों पर शेष बैठक में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने के लिए दिल्ली आएंगे। बैठक के दौरान पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले तीन साल से चल रहे विवाद सहित जम्मू-कश्मीर के हालात पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद की जा रही है।
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