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Old Pension
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
विस्तार
केंद्र सरकार ने अपने सेवारत कर्मचारियों और अधिकारियों के अलावा रिटायर्ड कर्मियों को भी एनपीएस छोड़कर पुरानी पेंशन स्कीम में शामिल होने का अवसर दिया है। पहले यह विकल्प मार्च में केंद्रीय कर्मियों को प्रदान किया गया था। उसके बाद जुलाई में अखिल भारतीय सेवाओं (एआईएस) के चुनींदा अधिकारियों को भी यह विकल्प दे दिया गया। उसके बाद रिटायर्ड कर्मियों की तरफ से यह पूछा गया कि क्या वे भी इस विकल्प का फायदा उठा सकते हैं। केंद्र सरकार ने उन्हें भी एनपीएस से ओपीएस में जाने का विकल्प प्रदान कर दिया। इनके लिए अलग-अलग कट ऑफ डेट रखी गई थी। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ‘पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा सात नवंबर को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि इस विकल्प का इस्तेमाल करने वाले केंद्रीय कर्मियों के लिए प्राधिकृत अथॉरिटी द्वारा अब 30 नवंबर तक फाइनल आदेश जारी कर सकती है। पहले इस संबंध में आवश्यक आदेश 31 अक्तूबर, 2023 तक जारी किया जाना था।
क्यों बढ़ाई गई कट ऑफ डेट
‘पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के पास संबंधित अथॉरिटी या नियुक्ति अथॉरिटी द्वारा इस संबंध में तय अंतिम तिथि को बढ़ाने का आग्रह किया गया था। विभिन्न विभागों की तरफ से मिले आग्रह पत्रों पर विचार करने के बाद ‘पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग’ द्वारा अब इस संबंध में फाइनल निर्णय लेने की कट ऑफ डेट को बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत ऐसे कर्मचारियों को एनपीएस से ओपीएस में आने का विकल्प प्रदान किया था, जो 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के लिए केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल हुए थे। ऐसे कर्मियों को 31 अगस्त तक किसी एक विकल्प का चयन करने की मोहल्लत दी गई थी। ये आदेश मार्च 2023 में जारी किए गए थे। कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो उक्त आदेश से पहले रिटायर हो गए। पिछले दिनों उन्होंने पूछा था कि क्या उन्हें भी अपनी सेनानिवृत्ति के पश्चात एनपीएस से ओपीएस में शामिल होने का विकल्प मिलेगा। सरकार ने कहा, वे भी ओपीएस में आ सकते हैं। बशर्तें उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।
22 दिसंबर 2003 से पहले पूरी हुई थी भर्ती प्रक्रिया
केंद्र सरकार के उन कर्मियों को, जो एक जनवरी 2004 को या उसके बाद सरकारी सेवा में आए थे, लेकिन उनकी भर्ती प्रक्रिया उक्त तिथि से पहले ही पूरी हो चुकी थी। इसमें पदों के विज्ञापन से लेकर भर्ती की सभी औपचारिकताएं शामिल थी। किन्हीं कारणों से ऐसे कर्मचारी, जनवरी 2004 के बाद सेवा में आए थे। 22 दिसंबर 2003 को एनपीएस लागू होने से पहले उन कर्मियों का फाइनल रिजल्ट आ चुका था, लेकिन उन्हें ज्वाइनिंग पहली जनवरी 2004 के बाद मिली थी। ऐसे में उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल सका। उन्हें एनपीएस में शामिल कर दिया गया। केंद्रीय कर्मचारियों से बड़ी संख्या में, केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत पेंशन योजना के लाभ का विस्तार करने के अनुरोध प्राप्त हुए। कर्मियों ने उच्च न्यायालयों और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरणों की शरण ली। वहां से जब उनके पक्ष में फैसले हुए तो केंद्र सरकार ने 3 मार्च 2023 को उन सभी कर्मियों को ओपीएस में शामिल होने का विकल्प प्रदान किया था। इसके लिए कर्मचारियों को 31 अगस्त तक अपना विकल्प देना था।
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