Home Breaking News गुजरात-राजस्थान में पाया गया CCHF नामक वायरस: पशु से इंसान में भी फैलने की संभावना, हो सकती है मौत

गुजरात-राजस्थान में पाया गया CCHF नामक वायरस: पशु से इंसान में भी फैलने की संभावना, हो सकती है मौत

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गुजरात-राजस्थान में पाया गया CCHF नामक वायरस: पशु से इंसान में भी फैलने की संभावना, हो सकती है मौत

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Virus called CCHF found in Gujarat and Rajasthan, Possibility of spreading from animal to human

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी चूहों से जानवर और जानवर से इंसान में फैल सकती है। चूहों और कुत्तों की यूरिन के टच में आने से ये बीमारी मनुष्य में आ सकती है। क्राइमिन कांगो रक्तस्नावी बुखार (सीसीएचएफ) नामक वायरस गुजरात और राजस्थान में पाया गया है। अगर यह वायरस इंसान में आ जाए तो मृत्यु भी हो सकती है। इसके अलावा निपाह और जीका वायरस से संक्रमित होने पर मनुष्य की मौत हो सकती है। यह कहना है कि डॉ. एसएस पाटिल का, जो वीरवार को लाला लाजपतराय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में आयोजित पशुचिकित्सा जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत कर रहे थे।

इस दौरान उन्होंने बताया कि इसके अलावा ब्रूसीलोसिस नाम की बीमारी भी पशुओं से इंसान में फैल सकती है। पशुओं को ब्रूसीलोसिस से बचाने के लिए सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। पूरे देश में किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। पशुपालक 4 से 8 महीने की गर्भवती गाय को बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीनेशन जरूर करवाएं। एक बार वैक्सीनेशन के बाद दोबारा से लगवाने की जरूरत नही पड़ती। प्राणी जन्य रोग को वैक्सीनेशन करके रोका जा सकता है। भैंस और गाय दोनों में ब्रूसीलोसिस बीमारी बराबर फैलती है और दोनों में समान रूप से खतरनाक है।

मेडिकल व वेटरनरी सेक्टर को मिलकर करना होगा काम

सेंटर फॉर वन हेल्थ कार्यक्रम के डायरेक्टर डॉ. जसबीर सिंह बेदी ने बताया कि वन हेल्थ प्रोग्राम विश्व स्तर पर शुरू हो चुका है। वन हेल्थ एक दृष्टिकोण है, जो ग्लोबल लेवल पर चल रही है, जिससे मनुष्य, जानवर और वातावरण में संतुलन बना रहे। इसके लिए तीन संगठन काम कर रहे हैं। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन व वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन फॉर एनीमल हेल्थ काम कर रही है। पशुओं और वन्य जीवन से आने वाली बीमारियों के लिए भारत में 2006 में पहली नेशनल जूनोसिस कमेटी बनाई गई थी, जो जानवरों व पशुओं से होने वाली बीमारियों को रोकने का काम कर रही है।

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