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विपक्ष
– फोटो : अमर उजाला
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विपक्षी दलों के गठबंधन समूह INDIA में अभी तक सीट शेयरिंग के फार्मूले पर कोई नतीजा नहीं निकल सका है। हालात यह हो गए हैं कि गठबंधन में शामिल अन्य दल अपने-अपने स्तर पर सीटों के शेयरिंग का फार्मूला निकालकर अपने सहयोगियों के साथ सीटें तय कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग का फार्मूला भी तीन बैठकों के बाद किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका है। जबकि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल की दो बैठकों के बाद में ही सीटों का बंटवारा भी हो गया। ऐसे में चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर समाजवादी पार्टी कांग्रेस के बीच में सीट शेयरिंग का फार्मूला कहां पर फंस रहा है। हालांकि दोनों पार्टी के नेताओं का मानना है कि अगली एक से दो बैठकों के बीच में उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच में सीटों के बंटवारे पर फैसला हो जाएगा। देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन वाले राजनीतिक दलों की सीटों की तस्वीर स्पष्ट होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
विपक्षी दलों के गठबंधन समूह INDIA में सीट शेयरिंग को लेकर अलग-अलग दलों के साथ शनिवार और रविवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में शामिल सूत्रों के मुताबिक जिन राज्यों में कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है उसमें अभी तक फिलहाल कोई खास नतीजा नहीं निकला है। हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि 31 जनवरी तक सभी राज्यों में कांग्रेस के साथ होने वाली सीटों के शेयरिंग पर आम सहमति बन जाएगी। फिलहाल कांग्रेस के साथ सीटों की शेयरिंग में हो रही देरी पर अलग-अलग दलों ने अपना फार्मूला निकलना शुरू कर दिया है। जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रीय लोक दल के साथ सात सीटों की सहमति कांग्रेस में सीटों पर आम सहमति न होने के चलते ही निकाली गई है।
गठबंधन समूह में शामिल राजनीतिक दलों के सूत्रों का कहना है कि अलग-अलग दलों के साथ कांग्रेस के नेताओं की सीट शेयरिंग को लेकर बैठक हो रही है। समाजवादी पार्टी के साथ भी तीन बार सीट शेयरिंग को लेकर बैठक हो चुकी है। लेकिन अब तक कुछ भी ठोस नतीजा नहीं निकला है। सियासी जानकारों की माने तो समाजवादी पार्टी ने गठबंधन में सीटों की शेयरिंग पर हो रही देरी के चलते ही राष्ट्रीय लोक दल के साथ आम सहमति पर सात सीटें तय कर ली है। अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच में बची हुई सीटों पर फार्मूला तय किया जाना है। समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि कांग्रेस के साथ सीटों की शेयरिंग पर तीन बैठके हो चुकी हैं। जबकि राष्ट्रीय लोकदल के साथ दो बैठकों में ही सात सीटों पर सहमति बनी। और चुनाव लड़ने के लिए वह सातों सीटें राष्ट्रीय लोक दल के खाते में आ गईं।
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