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Rajasthan Budget: नए एलानों से ज्यादा बकाया की चिंता, गांवों के ही 10 हजार करोड़ पेंडिंग, सरपंचों की चेतावनी

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Rajasthan Budget: नए एलानों से ज्यादा बकाया की चिंता, गांवों के ही 10 हजार करोड़ पेंडिंग, सरपंचों की चेतावनी

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Rajasthan Budget Concern over dues is more than new announcements Rs 10,000 crore pending in villages only

राजस्थान बजट
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


राजस्थान, फाइनेंशियल मैनेजमेंट के लिए जाना जाता था। आज मिस मैनेजमेंट की मिसाल बन गया। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और गांवों में सरकारी योजनाएं फंड की कमी से ठप पड़ी हैं। राज्य वित्त आयोग, मनरेगा, व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा पंचायतों तक पहुंचा ही नहीं। अब सरपंचों ने सरकार को चेतावनी दी है कि जल्द उनका पैसा रिलीज नहीं किया तो 15 फरवरी से पंचायतों में तालाबंदी कर दी जाएगी।

अफसरों का फाइनेंशियल मिस मैनेजमेंट प्रदेश की नई भजनलाल सरकार को किस कदर भारी पड़ रहा है, इसकी बानगी सचिवालय में देखने को मिल रही है। बुधवार को वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में लेखानुदान पेश करेंगी। हालांकि, यह पूर्ण बजट नहीं है। लेकिन मूल जरूरतें और ड्यू पेमेंट को लेकर अटकी योजनाओं को शुरू करने का सरकार पर भारी दबाव है। बीते दो साल से गांवों से जुड़ी तमाम योजनाएं फंड की कमी से जूझती रही और अफसरों ने इनका फंड दूसरे कामों में ठिकाने लगा दिया।

लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और अब नई सरकार इस वित्तीय बोझ से जूझ रही है। गांवों से ही जुड़ी योजनाओं के पैसे करीब 10 हजार करोड़ रुपये सरकार पर बकाया चल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि बकाया राशि सिर्फ मौजूदा वित्त वर्ष की नहीं, बल्कि पिछले वित्त वर्ष का भी है।

  • राज्य वित्त आयोग का करीबन 600 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2800 करोड़ रुपये करीबन वित्तीय वर्ष 2023-24 का बकाया

  • मनरेगा सामग्री का बकाया भुगतान 2022-23 का 1000 करोड़ रुपये एवं 2023-24 का करीबन 3000 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया

  • वित्त आयोग की 2023-24 की राशि करीबन 2900 करोड़ रुपये प्रथम एवं द्वितीय किश्त बकाया, जबकि अब अगले वित्त वर्ष के लिए बजट पेश हो रहा है

  • फंड की कमी के चलते मनरेगा योजना में व्यक्तिगत लाभ के करीब  20 कार्य अटके पड़े हैं

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के काम अटके हुए हैं

  • खाद्य सुरक्षा का काम भी अटका हुआ है, क्योंकि पोर्टल काम नहीं कर रहा

  • जल जीवन मिशन के 2200 हजार करोड़, कर्मचारियों और पेंशनर्स के 4000 करोड़, 1000 करोड़ चिरंजीवी और आरजीएचएस, कर्ज माफी के 500 करोड़

सरपंच संघ राजस्थान ने मुख्य सचिव सुधांश पंत और एसीएस फाइनेंस अखिल अरोड़ा से मिलकर बकाया भुगतान जल्द करवाने की मांग रखी है। इसके साथ ही सरपंचों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की मांग भी रखी गई है।

संघ के अध्यक्ष वंशीधर गढ़वाल ने बताया कि हमारी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, पंचायतरी राज मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, मुख्य सचिव सुधांशु पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, अतिरिक्त वित्त सचिव अखिल अरोड़ा व पंचायत राज सचिन रवि जैन को ज्ञापन दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 15 फरवरी से पंचायतों पर तालाबंदी शुरू कर दी जाएगी।

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