Home Breaking News G4: आज रात भी मौसम बिगड़ने की आशंका, अंतरिक्ष की उथल-पुथल से विमान-खेती पर असर; US ने बताया आंधी-तूफान का कारण

G4: आज रात भी मौसम बिगड़ने की आशंका, अंतरिक्ष की उथल-पुथल से विमान-खेती पर असर; US ने बताया आंधी-तूफान का कारण

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G4: आज रात भी मौसम बिगड़ने की आशंका, अंतरिक्ष की उथल-पुथल से विमान-खेती पर असर; US ने बताया आंधी-तूफान का कारण

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Massive solar storm threatens communications and GPS systems possibility of worsening weather tonight

खगोलीय घटना की चेतावनी
– फोटो : ANI

विस्तार


अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार रात असाधारण खगोलीय घटना की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि एक विशाल सौर तूफान के कारण संचार और जीपीएस सिस्टम को नुकसान हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने दो दशकों बाद अपनी पहली गंभीर भूं-चुंबकीय तूफान घड़ी भी जारी की है। इसे जी4 घटना करार दिया गया है। यह तूफान अमेरिकी सरकार के पैमाने के अनुसार, दूसरा सबसे गंभीर तूफान है।

इन क्षेत्र में खतरे की आशंखा

तूफान से रेडियो संचार को खतरा हो सकता है। सिग्नलों के बाउंस-बैक को बाधित करती हैं। आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ विमानन, समुद्री, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों भी जीपीएस नेविगेशन पर ही निर्भर हैं। यह सभी व्यवधान के कगार पर हैं।  जीपीएस सेवाओं की अखंडता चिंता का विषय है।  

शुक्रवार को आया तूफान सबसे खतरनाक

नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) के अनुसार, शुक्रवार को एक शक्तिशाली सौर तूफान धरती से टकराया। बीते दो दशकों में ये धरती से टकराने वाला सबसे ताकतवर सौर तूफान था, इसके चलते तस्मानिया से लेकर ब्रिटेन तक आसमान में तेज बिजली कड़की। इस सौर तूफान का असर सप्ताहांत तक रहेगा।

आखिरी बार अक्तूबर 2003 में धरती से टकराया था शक्तिशाली सौर तूफान

इससे पहले अक्तूबर 2003 में सौर तूफान धरती से टकराया था। उस सौर तूफान को हैलोवीन तूफान नाम दिया गया था और उसके असर से पूरे स्वीडन में बिजली व्यवस्था ठप हो गई थी और साथ ही दक्षिण अफ्रीका में पावर ग्रिड्स को भारी नुकसान हुआ था। एनओएए का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कई और सौर तूफान आ सकते हैं।  सौर तूफान के चलते ऑस्ट्रेलिया और उत्तरी यूरोप में ध्रुवीय ज्योति (Auroras) की घटनाएं देखने को मिलीं। ध्रुवीय ज्योति की घटना में सूर्य से आने वाले पार्टिकल्स जब धरती के चुंबकीय क्षेत्र में दाखिल होते हैं तो इससे जो प्रतिक्रिया होती है, उसके असर से सूर्य से आने वाले पार्टिकल्स चमकदार रंग-बिरंगी रोशनी के रूप में दिखते हैं। 

 

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