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Padma Shri: पद्म श्री पुरस्कार लौटाएंगे हेमचंद मांझी, कहा- नक्सलियों से मिल रहीं हैं धमकियां

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Padma Shri: पद्म श्री पुरस्कार लौटाएंगे हेमचंद मांझी, कहा- नक्सलियों से मिल रहीं हैं धमकियां

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Traditional medicine practitioner Hemchand Manjhi says he will return Padma Shri award

पद्म श्री हेमचंद मांझी
– फोटो : ANI

विस्तार


पारंपरिक चिकित्सक वैद्यराज हेमचंद मांझी ने अपना पद्म श्री पुरस्कार लौटाने का एलान किया है। उनका कहना है कि नक्सलियों की लगातार मिल रही धमकियों की वजह से वह इस पुरस्कार को लौटाएंगे। 

नक्सलियों से मिलीं धमकियां

पुलिस का कहना है कि नक्सलियों ने रविवार रात नारायणपुर जिले के चमेली और गौरदंड गांवों में दो निर्माणाधीन मोबाइल टावरों में आग लगा दी। इसके साथ ही नक्सलियों ने वहां मांझी को धमकी देने वाले बैनर लगाए। इसके अलावा वहां कुछ पर्चे भी फेंके गए, जिसमें हेमचंद मांझी की पद्म श्री सम्मान लेते हुए तस्वीर छपी थी। नक्सलियों ने आरोप लगाया है कि मांझी ने नारायणपुर के छोटेडोंगर इलाके में आमदई घाटी लौह अयस्क परियोजना को शुरू करने में मदद की और इसके लिए रिश्वत भी ली। नक्सलियों द्वारा इससे पहले भी माझी पर इस तरह के आरोप लगाकर धमकी दी गई थी। उधर वैद्यराज मांझी ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। 

2023 में हुई थी वैद्यराज की भतीजी की हुई थी हत्या

वैद्यराज ने कहा कि अपने परिवार से बात करने के बाद उन्होंने पद्म श्री सम्मान लौटाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपना पारंपरिक चिकित्सा का काम भी छोड़ देंगे। मांझी ने कहा ‘मैं पद्म श्री पुरस्कार लौटा दूंगा। इससे पहले नक्सलियों ने मेरी भतीजी कोमल मांझी पर झूठे आरोप लगाकर उसकी हत्या कर दी थी। मैं और मेरा परिवार डर के साये में जी रहे हैं।’ 9 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के छोटेडोंगर में कोमल मांझी की हत्या की गई थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस द्वारा वैद्यराज के परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।

कौन हैं हेमचंद मांझी 

हेमचंद मांझी पांच दशकों से ज्यादा समय से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को प्राकृतिक और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रह हैं। अबूझमाड़ के प्रख्यात वैद्यराज हेमचंद मांझी को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी कर चुके हैं सम्मान

नारायणपुर के छोटे डोंगर में जन्मे हेमचंद मांझी उस समय से लोगों का इलाज कर रहे हैं, जब उस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं थी। अपने ज्ञान और सेवाभाव की बदौलत से उन्होंने लोगों का इलाज शुरू किया और पिछले पांच दशकों से मरीजों का उपचार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों और विदेशों में रहने वाले पीड़ित मरीज भी छोटे डोंगर पहुंचकर इलाज कराते हैं। जब हेमचंद मांझी को पद्म श्री पुरस्कार की घोषणा हुई थी, तब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास में आमंत्रित कर उनका सम्मान किया था।



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